नगरपंचायत गूलरभोज क्षेत्र में एसडीएम पीएस राणा ने औचक निरीक्षण किया। आंधी तूफान से प्रभावित परिवारों की समस्याएं सुनी। बंद व चोक पड़ी नालियों और नालों पर कब्जा जमाए परिवारों को कब्जा खाली कराने के निर्देश दिए।
नवसृजित नगर पंचायत के प्रशासक उपजिलाधिकारी पीएस राणा बुधवार को अचानक नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे। उन्होंने ईओ एके सक्सेना से कार्य प्रगति रिपोर्ट मांगी। ईओ ने बताया कि नगर पंचायत क्षेत्र में समस्याओं का अंबार लगा है। वित्तीय अड़चनों से विकास कार्य बाधित हो रहे हैं।
कार्यालय में मौजूद क्षेत्र के लोगों ने बताया कि नगर पंचायत कार्यालय किराए के भवन में चल रहा है। जबकि नगर पंचायत क्षेत्र में सिंचाई विभाग की बेकार भूमि पड़ी है। एसडीएम ने ईओ को इस पर तत्काल लिखापढ़ी के निर्देश दिए। वहीं उन्होंने इस भूमि का निरीक्षण भी किया।
वहीं लोगों ने बताया कि निकासी के लिए बनी नालियों पर कब्जा होने और चोक होने के कारण बरसात मेें क्षेत्र में गडार बस्ती, मुख्य बाजार नई बस्ती, बंगाली कालोनी और नई बस्ती के प्राथमिक विद्यालय में जलभराव हो जाता है। इसके बाद उन्होंने नाले और नालियों का भी निरीक्षण कर इस पर से कब्जा हटाने और चोक नालियों को तुरंत खुलवाने के आदेश दिए हैं।
इसके बाद वह हल्का पटवारी और ईओ के साथ नई बस्ती में आंधी से प्रभावित परिवारों से मिले। उन्होंने हल्का पटवारी को प्रभावित परिवारों को जल्द मुआवजा दिए जाने के आदेश दिए हैं।
एसडीएम ने दिखाई दरियादिली
एसडीएम आंधी और बरसात से प्रभावित अमल सरकार के घर पहुंचे। अपाहिज अमल सरकार जिसके दोनों हाथ कटे हुए थे। उसने बताया कि एक विशालकाय पेड़ उसकी झोपड़ी पर गिर गया था, जिससे वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस परिवार की हालत देखकर वह भी चकित हो गए और पटवारी को तत्काल इनकी मुआवजा राशि बनाने को कहा। यहां पर उन्होंने स्वयं अपनी जेब से आर्थिक मदद दी।