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पहाड़ों के बेकार पड़े खेतों की सुध लें वैज्ञानिक : सीएम

Fri, 06 Oct 2017 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो पंतनगर।
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पंतनगर किसान मेले का फीता काटकर उदघाटन करते मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत - फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में खेती का दायरा सात लाख हेक्टेयर है, जो प्रदेश की आबादी के हिसाब से बहुत कम है। पहाड़ों में 90 फीसदी खेत बेकार पड़े हैं। पंतनगर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को पर्वतीय क्षेत्रों की ओर भी देखना चाहिए। किसान को तकनीक का इस्तेमाल करने की जरूरत है। उन्होंने वैज्ञानिकों से नई तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने के साथ ही उनके साथ संवाद स्थापित करने को कहा।
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मुख्यमंत्री रावत शुक्रवार को पंतनगर विश्वविद्यालय के 102वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद गांधी हाल में समारोह को संबोधित कर रहे थे। सीएम ने खुली जिप्सी में सवार होकर मेले के स्टॉल देखे और उद्यान प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में बीज और पादपों की 276 प्रजातियां विकसित हो चुकी हैं। पंतनगर के वैज्ञानिक नई इबारत लिख रहे हैं। हरित क्रांति का जनक हमारे राज्य के लिए प्रतिष्ठा का संस्थान है। हिमाचल से उत्तराखंड के किसानों की आय की दस वर्षाें की तुलना करते हुए उन्होंने प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न उपाय किए जाने की आवश्यकता बताई। पंतनगर को उन्होंने किसानों का बद्रीनाथ बताया और वैज्ञानिकों को उनकी उपेक्षाओं को पूरा करने के लिए कहा। सीएम ने कहा कि मजबूरी में होने वाले पलायन को रोकने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर ध्यान दिया जाएगा। विधायक राजकुमार ठुकराल ने विवि को केंद्रीय दर्जा देने और विधायक राजेश शुक्ला ने खुले हाथ से बजट देने की मांग रखी। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रोफेसर एके मिश्रा ने कहा कि कृषि लागत में कमी और कृषि उत्पादकता में वृद्धि के जरिए किसानों की आय दोगुना करने के लिए विश्वविद्यालय प्रयासरत है। साल में दो बार लगाए जाने वाले किसान मेले में हजारों की संख्या में किसान भाग लेते हैं। किसान विभिन्न प्रदेशों के अलावा नेपाल से भी आते हैं। उन्होंने कृषि आधारित व्यवसाय, जैसे मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, मुर्गी पालन, पशुपालन, मछली पालन, इत्यादि को अपनाए जाने की भी उन्होंने वकालत की। कार्यवाहक निदेशक शोध डॉ. जयंत सिंह ने आभार जताया। इस मौके पर निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. वाईपीएस डबास, डीएम डॉ. नीरज खैरवाल, एसएसपी डॉ. सदानंद दाते, मेयर सोनी कोली आदि मौजूद रहे।
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नौ प्रगतिशील किसानों का सम्मान पंतनगर। गांधी हाल में उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और कुलपति प्रो. एके मिश्रा ने खेती में अभिनव प्रयोग करने वाले प्रदेश के नौ प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। इनमें प्रदीप रस्तोगी ग्राम भोगपुर (ऊधमसिंह नगर), सुनील कुमार ग्राम थिथकी कवादपुर जिला हरिद्वार, नरेंद्र गोबाड़ी ग्राम भटेरी जिला पिथौरागढ़, खुशाल सिंह ग्राम मुंदोली जिला चमोली, नरेंन्द्र सिंह मेहरा ग्राम देवली मल्ला नैनीताल, परवीन कुमार ग्राम शाहपुर-कल्यानपुर देहरादून, महेश चंद्र कांडपाल ग्राम कोटयूडा अल्मोड़ा, पंकज तिवारी ग्राम अथखंडी चंपावत, रंजना रावत, ग्राम भीरी ऊखीमठ रुद्रप्रयाग शामिल रहे। एक घंटा देरी से पहुंचे सीएम, जताया खेद पंतनगर। किसान मेले में सीएम त्रिवेंद्र रावत को 11 बजे पहुंचना था, लेकिन वे एक घंटा विलंब से उद्घाटन करने पहुंचे। उन्होंने समारोह में एक घंटा लेट होने के लिए क्षमा मांगी। कहा उनके विलंब से आने से कार्यक्रम भी जल्दबाजी में हो रहे हैं। उन्होंने बात को घुमाते हुए कहा कि खेती जल्दबाजी में नहीं होनी चाहिए। खेती समय पर होती है और समय पर ही होनी चाहिए। छह किताबों का विमोचन पंतनगर। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उद्घाटन समारोह में छह किताबों का विमोचन किया। इनमें रबी फसलों की उन्नत खेती, पंत प्रसार संदेश, तकनीकी प्लांट कल्चर एवं टिश्यू कल्चर, मशरूम की खेती को लेकर तैयार किए गए आडियो कार्यक्रम, लाइब्रेरी एवं सूचना विज्ञान, यूपी एवं उत्तराखंड में मधुमक्खी पालन शामिल हैं। उन्होंने एनआईसी के सहयोग से विवि के मुख्य प्रशासनिक भवन में बायोमैट्रिक हाजिरी का शुभारंभ भी किया। कुलपति ने कहा कि नवंबर तक सभी कार्यालयों में बायोमैट्रिक हाजिरी शुरू हो जाएगी।
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