अनुसूचित जनजाति आयोग की अध्यक्ष लीलावती राणा के निरीक्षण में खुलासा, एकलव्य स्कूल में बालिकाओं को नहीं मिल रहा भरपेट खाना
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र खटीमा में अधिकारी और कर्मचारी सरकारी धन की बंदरबांट कर रहे हैं। उत्तराखंड अनुसूचित जनजाति आयोग की अध्यक्ष लीलावती राणा के आश्रम पद्धति विद्यालय में हुए निरीक्षण में इसका खुलासा हुआ। लीलावती ने बताया कि विद्यालय में 10 रुपये के साबुन को कागजों में 30 रुपये दर्शाया गया है।
बुधवार को विकास भवन सभागार में आयोग की अध्यक्ष लीलावती ने अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि आश्रम पद्धति विद्यालय में बच्चों को मिलने वाले साबुन, तेल, शैंपू की कीमतों को कागजों में तीन गुना रेट से ज्यादा दर्शाया जा रहा है। बच्चों को एक माह में एक बार ही साबुन व शैंपू दिया जा रहा है। इसके चलते बच्चों को अपने घरों से ये सामान मंगाने पड़ते हैं। उन्होंने सीडीओ विशाल मिश्रा को निर्देश दिए कि एक बार विद्यालयों का निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए बिजली की वैकल्पिक सुविधा नहीं है और पंखों की कमी है। वहीं, खटीमा के ही एकलव्य विद्यालय में पढ़ने वाली बालिकाओं को भरपेट खाना नहीं मिल रहा है, दूसरी बार मांगने पर उन्हें खाना नहीं दिया जाता है, राशन में कई अनियमितताएं हैं। बालिकाओं को बेड-चारपाइयों की कमी है। साथ ही विद्यालय में शिक्षकों की भी कमी है।
इधर, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरुद्ध ने कहा कि दोनों विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से फाइलें मंगाई गई हैं, इसकी जांच की जा रही है। वहां डीडीओ तारा ह्यांकी, जिला प्रोबेशन अधिकारी व्यौमा जैन, ग्रामीण निर्माण विभाग के ईई पंकज कुमार, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी यूएस नेगी, नीलम नाथ, शैलेंद्र श्रीवास्तव, आरडी भट्ट, राजेश कुमार आदि थे।
ये मिली अनियमितताएं
माह में एक बार ही मिलता है साबुन और शैंपू
बिजली की वैकल्पिक सुविधा नहीं, पंखो की कमी
एकलव्य विद्यालय में बालिकाओं को नहीं मिलता भरपेट खाना
बेड और शिक्षकों की कमी
इंसेट
पहेनिया में लोगों के घरों में आ रहा पीला पानी
रुद्रपुर। राणा ने कहा कि जल जीवन मिशन के कार्यों के चलते सड़कें खोद दी गई हैं, इससे बरसात में आम जनमानस को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पहेनिया में लोगों के घरों में पीला पानी आ रहा है, हालांकि पीने में कोई दिक्कत नहीं हो रही है। पेयजल निगम के इंजीनियर ने जल्द ही पानी की टेस्टिंग की बात कही है। संवाद
बाढ़ संभावित क्षेत्रों में मौके पर नहीं पहुंच रहे अधिकारी
रुद्रपुर। राणा ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मैंने खुद कई बार तहसील में फोन किया। लेकिन कोई भी अधिकारी बाढ़ संभावित या जलभराव वाले क्षेत्रों में नहीं पहुंचा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी यूएस नेगी ने कहा कि रुद्रपुर मुख्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया है। संवाद
बैठक से ही एसएसपी को किया फोन, नहीं पहुंचा कोई पुलिस अधिकारी
रुद्रपुर। जनजाति की समीक्षा बैठक में कोई भी पुलिस अधिकारी के नहीं पहुंचने पर आयोग की अध्यक्ष ने एसएसपी मंजूनाथ टीसी को फोन कर नाराजगी जताई। अध्यक्ष लीलावती ने पत्रकारों से कहा कि अनुसूचित जनजाति के कई मामले पुलिस के पास आते हैं। इसपर पुलिस की ओर से कार्यवाही नहीं की जाती है। गंभीर बात है कि कोई भी पुलिस अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगर अनुसूचित जनजाति के कोई भी व्यक्ति की मौके पर समस्या का निस्तारण नहीं किया गया तो आयोग की ओर से प्रमोशन रोक दिया जाएगा। कहा कि अभी तक आयोग की ओर से 50 फाइलों के मामले निस्तारण के लिए भेजे हैं। संवाद