बागेश्वर के गरुड़ में स्थित अपणु बाजार का भवन।
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कौशल पार्टनर के रूप में आईआईएम से लेंगे मदद
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संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। किसानों को उत्पादों के बेहतर दाम देने के लिए खोले गए अपणु बाजार किसान हित में बहुत फायदेमंद नहीं हो पा रहे हैं। इसको देखते हुए उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड (मंडी परिषद) प्रयोग के तौर पर बागेश्वर के गरुड़ में स्थित अपणु बाजार को विकसित करने जा रहा है। इसके तहत मार्केटिंग एवं प्रबंधन को लेकर आईआईएम काशीपुर से मदद ली जा रही है। किसानों के उत्पाद खराब न हो, इसके लिए अपणु बाजार को मंडियों से जोड़ा जाएगा।
साल 2012 में नैनीताल, देहरादून सहित पांच जिलों में अपणु बाजार की स्थापना की गई थी। इसमें किसानों के उत्पाद बेचने के लिए मंडियों की तरह स्टॉल बनाए गए थे। किसान फलों और सब्जियों को अपणु बाजार के माध्यम से बेच सकते थे लेकिन अधिकतर जगहों पर अपणु बाजार के सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आ सके थे। इसके चलते इस योजना का अन्य जिलों में विस्तार नहीं हो सका था।
मंडी परिषद की ओर से बागेश्वर के गरुड़ में बने अपणु बाजार को पुनरीक्षित करने की कवायद की जा रही है। क्षेत्र में अच्छी मात्रा में आम, आड़ू, संतरा, कीवी, नाशपति के साथ ही कई प्रकार की सब्जियों की पैदावार होती है। मंडी परिषद के प्रबंध निदेशक आशीष भटगाई ने बताया कि किसानों की ओर से उगाई जाने वाली सब्जियां और फलों के बेहतर दाम दिलाने के लिए कार्ययोजना पर काम किया जाएगा। एक मजबूत प्रबंधन के तहत यह कार्य हो, इसके लिए आईआईएम काशीपुर की मदद ली जाएगी। अपणु बाजार के संचालन को लेकर कृषक उत्पाद संगठन और स्वयं सहायता समूह को चिह्नित किया जा रहा है। इसके साथ ही यह बाजार विभिन्न मंडियों से भी जुड़ा होगा। यदि अपणु बाजार में किसानों के फल, सब्जियां आदि बिकने से रह जाती है तो उनका विक्रय मंडियों में होगा। इस तरह से किसानों की आय को दोगुना करने की दिशा में कार्य हो सकेगा। अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो दूसरे अपणु बाजार में इसे आजमाया जाएगा।