रुद्रपुर का सत्यम रस्तोगी गूगल के फेमबिट में सीएमआरएफ बग ढूंढने वाला
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शहर की मलिन बस्ती ट्रांजिट कैंप के 24 वर्षीय साइबर एक्सपर्ट सत्यम रस्तोगी ने सर्च इंजन गूगल में गलती निकालकर अपना लोहा मनवाया है। गूगल की सिक्योरिटी टीम की तरफ से उन्हें 500 डॉलर की प्रोत्साहन राशि भी दी गई है।
सत्यम वर्तमान में देहरादून की बेमको साइबर सिक्योरिटी नाम की कंपनी में वेब एप्लीकेशन सिक्योरिटी रिसर्च व हैकर (सीनियर मैनेजर) के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि 20 दिसंबर को गूगल की साइट में फेमबीट (जिसमें गूगल के एड आते हैं) में सीएसआरएफ नाम का बग (वायरस) ढूंढा। जब फेमबिट पेज में क्लिक कर आगे के स्टेप में बढ़े तो अचानक साइट में सीएसआरएफ अटैक का बग मिला।
उन्होंने तुरंत गूगल के सिक्योरिटी टीम को बग मिलने का मेल भेजा। मेल में थोड़ी देर बाद ही टीम की तरफ से गलती मिलने की पुष्टि हुई। गलती ढूंढने पर गूगल की ओर से 500 डॉलर प्रोत्साहन राशि देने का मेल आया। गूगल की सिक्योरिटी टीम ने सत्यम को वलनरेबिलिटी प्रोग्राम के तहत हॉल ऑफ फेम में 541वीं रैंक प्रदान की। सत्यम ने बताया कि अमेरिका के शिकागो में 2019 में आयोजित गूगल की वार्षिक कांफ्रेंस में उन्हें आमंत्रित किया गया है। सत्यम ने पिछले साल एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की वेबसाइट में भी बग ढूंढे हैं।
इजराइल के संस्थान से ऑनलाइन पढ़ाई की
सत्यम ने बताया कि उन्होंने इजराइल के ओएससीपी (ओफंसिव सिक्योरिटी सर्टिफाइड प्रोफेशनल) कोर्स की ऑनलाइन पढ़ाई की। यह कोर्स भारत में बहुत कम लोग ही कर पाते हैं। उनकी माता बबली रस्तोगी एक ब्यूटी पार्लर चलाती हैं जबकि पिता राम अवतार का साल 2014 में गंभीर बीमारी के चलते निधन हो गया था।