रुद्रपुर। सामवेदी उपाकर्म और हरतालिका तीज का पर्व कल और परसों मनाया जाएगा। वैदिक ज्योतिष एवं वास्तु विशेषज्ञ डॉ. मंजू जोशी ने बताया कि रविवार को सामवेदी उपाकर्म और सोमवार को हरतालिका तीज का व्रत रखा जाएगा।
धर्मशास्त्रों के अनुसार सामवेदी परंपरा में उपाकर्म भाद्रपद मास के हस्त नक्षत्र में करने का विधान है। इस बार 12 सितंबर को दोपहर 12:55 बजे से 13 सितंबर दोपहर 1:07 बजे तक हस्त नक्षत्र का योग बन रहा है। हस्त नक्षत्र के देवता सविता (सूर्य) और स्वामी चंद्रमा हैं, जो सामवेद गायन और मंत्र साधना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। कल ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 4:35 से 6:05 बजे तक स्नान, तर्पण और नूतन यज्ञोपवीत धारण के लिए अत्यंत उत्तम है। इस दिन सायंकाल उत्सर्जन, संध्यावंदन, दीपदान और हवन का विधान है। हरतालिका तीज का मुहूर्तभाद्रपद शुक्ल तृतीया उदया तिथि 14 सितंबर को है। इसलिए इसी दिन निर्जला व्रत मान्य होगा। प्रातः पूजा का मुहूर्त सुबह 6:05 से 8:35 बजे तक और प्रदोष काल में शिव-पार्वती पूजन का विशेष मुहूर्त शाम 6:20 से रात 8:40 बजे तक रहेगा।