काशीपुर के नगर निगम में बैठक करते अधिकारी, मेयर
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साकेत नगर निगम का हिस्सा है या नहीं, इसको लेकर अफसरों की घंटों माथा पच्ची के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकल सका। इसके बाद नगर निगम, राजस्व विभाग की संयुक्त टीम से सर्वे कराने का फैसला लिया गया। टीम ने सर्वे का काम भी शुुरू कर दिया है।
दरअसल पांच दिन पहले मुरादाबाद मार्ग पर स्थित साकेत नगर के 211 वोटरों ने एसडीएम से उनका नाम काशीपुर की वोटर लिस्ट से नहीं काटने की मांग की थी। साकेत नगर को जसपुर विधानसभा में दिखाया गया है। उन्होंने उनका नाम जसपुर की वोटर लिस्ट में शामिल करने पर मतदान नहीं करने की चेतावनी दी थी।
उनकी चेतावनी ने अफसरों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। एसडीएम दयानंद सरस्वती ने राजस्व विभाग और नगर निगम से आख्या मांगी थी। इसके बाद तहसीलदार ने आख्या रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी थी। सोमवार को नगर निगम कार्यालय में एसडीएम दयानंद सरस्वती ने मुख्य नगर अधिकारी उत्तम सिंह चौहान, मेयर ऊषा चौधरी, तहसीलदार संजय कुमार के साथ रिपोर्ट को लेकर चर्चा की। लेकिन साकेत नगर कहां स्थित है,
इस पर तस्वीर साफ नहीं हो सकी। इसके बाद फिर से टीम बनाकर साकेत नगर का सर्वे करने, नगर निगम की सीमा चिंहित करने और वहां रहने वालों से जानकारी करने का फैसला किया गया। बैठक के बाद एसडीएम, तहसीलदार, मुख्य नगर अधिकारी, उप नगर अधिकारी ने साकेत नगर का स्थलीय निरीक्षण भी किया। संयुक्त टीम ने नगर निगम की सीमा का चिन्हीकरण और सर्वे शुरू कर दिया है। एसडीएम सरस्वती ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट आने के बाद ही इस संबंध में कोई कार्रवाई की जा सकेगी।
काशीपुर के नगर निगम में बैठक करते अधिकारी, मेयर