रुद्रपुर शहर की सड़कों पर बढ़ता ट्रैफिक दबाव और पार्किंग की समस्या से निजात दिलाने के लिए डीडीए ने हाईटेक पहल शुरू की है। आधुनिक तकनीक और प्रशासनिक दूरदर्शिता के संगम से शहर को एक स्मार्ट ट्रैफिक हब बनाने की दिशा में अब केवल सड़कों का चौड़ीकरण ही नहीं बल्कि पहली बार ड्रोन सर्वे और जियोस्पेशियल मैपिंग के माध्यम से पार्किंग की समस्या का वैज्ञानिक समाधान निकाला जा रहा है।
प्राधिकरण ने इस योजना के पहले चरण में रुद्रपुर के मुख्य बाजार, बस स्टैंड से अटरिया चौक, गंगापुर रोड और भूरारानी रोड जैसे व्यस्ततम इलाकों को चुना है। इन क्षेत्रों में लगभग 10 दिन तक सप्ताह के अलग-अलग समय पर सघन अभियान चलाया गया। प्रत्येक साइट पर कुल 14 बार ड्रोन से सर्वे किया गया। इस तकनीक की बड़ी खासियत यह है कि यह केवल तस्वीरें नहीं लेती बल्कि ''''सुपरवाइज्ड क्लासिफिकेशन'''' और ''''मैक्सिमम लाइक्लीहुड एल्गोरिथम'''' के जरिये हर वाहन की स्थिति और संख्या का सटीक डेटा तैयार करती है।
ड्रोन सर्वे से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर प्राधिकरण अब अपने दूसरे चरण की ओर बढ़ रहा है। सर्वे में यह पाया गया है कि केवल सड़कों के चौड़ीकरण के बजाय, शहर के विभिन्न इलाकों में स्कैटर्ड पार्किंग (अलग-अलग जगहों पर पार्किंग) की अधिक आवश्यकता है। शहर के विभिन्न व्यस्त प्वाइंट्स पर ऐसी जमीनों को चिह्नित किया जा रहा है जहां पार्किंग स्थल बनाए जा सकें।
कहां कितने वाहन हाे सकेंगे पार्क, रियल टाइम होगी मॉनिटरिंग
स्थल दिन समय कारों की संख्या बस/ट्रक की संख्या कुल वाहन सर्वाधिक वाहनों की संख्या
रुद्रपुर मुख्य बाजार क्षेत्र मंगलवार दोपहर 2:30 2016 39 2055 2152
बस अड्डा चौक से अटरिया बुधवार दोपहर 2:30 886 17 903 903
गंगापुर रोड बृहस्पतिवार दोपहर 3:00 77 12 89 89
भूरारानी रोड सोमवार दोपहर 2:30 94 16 110 110
इस तरह हुआ सर्वे
सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने और यातायात की मौजूदा स्थिति को जानने के लिए ड्रोन सर्वे कराया गया। इसमें पाया गया कि शहर में कब, कहां कितने वाहन पार्क हो रहे हैं और जहां जाम लग रहा है। ड्रोन तकनीक से स्मार्ट ट्रैफिक का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। जयकिशन, उपाध्यक्ष, डीडीए