रुद्रपुर में इस तरह का बनेगा बस अड्डा
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औद्योगिक नगरी रुद्रपुर में बनने वाले टर्मिनल बस अड्डे की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कार्यदायी संस्था ने जहां इस दिशा में जिला प्रशासन के साथ बैठक करके सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं वहीं जिला प्रशासन ने भी मदद के लिए हामी भर दी है।
इस टर्मिनल भवन की तीन मंजिला इमारत में यात्रियों के लिए कई सुविधाएं मुुहैया कराई जा रही हैं। जहां सबसे पहले टर्मिनल को नई बसें मिलेंगी वहीं डोमिनोज और पिज्जाहट के भी काउंटर होंगे। टर्मिनल में रात्रि और दिन में ठहरने के लिए आराम घर होगा। महिलाओं की सुरक्षा की दृष्टि से महिला यात्रियों का कक्ष अलग होगा।
टर्मिनल के तीन मंजिला भवन में शॉपिंग माल की सुविधा होगी। अगर किसी यात्री की बस एक घंटे के बाद अपने गंतव्य को चलेगी तब तक वह शॉपिंग माल में घूमकर अपना समय बिता सकता है। सुरक्षा की दृष्टि से यहां पर एक पुलिस चौकी का भी निर्माण किया जाएगा।
ताकि टर्मिनल के शुरू होते ही कहीं पाकेटमार और उचक्कों का जमावड़ा न हो। इस बारे में डीएम डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दिल्ली कार्यदायी संस्था के आला अधिकारियों के अनुसार टर्मिनल के निर्माण में करीब 40 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर सेवा के लिए जिला प्रशासन हर तरह से सहयोग कर रहा है।
रुद्रपुर रोडवेज बस अड्डे के एआरएम केएस राणा ने बताया कि टर्मिनल के शुरू होते ही डिपो को सभी नई बसें उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसमें पहाड़ी रूटों पर दुर्घटनाएं न हों इसके लिए 50 नई छोटी बसें मिलेंगी। जबकि शहरी रूट के लिए अभी और बसों का प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। एआरएम राणा ने बताया कि रुद्रपुर से पहाड़ी क्षेत्रों में जाने के लिए टर्मिनल को जहां नई बसों की जरूरत है वहीं सुरक्षित यात्रा का भी ध्यान रखा जाएगा।
जिला प्रशासन मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना को भी टर्मिनल के माध्यम से धरातल पर उतारने की सोच रहा है। दो वर्ष के अंतराल में तैयार होने वाले टर्मिनल में बाहर से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए पहाड़ी उत्पाद भी टर्मिनल के मार्केट में उपलब्ध होंगे। डीएम डा. श्रीवास्तव ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से संस्थाओं द्वारा तैयार किए जा रहे पहाड़ी उत्पादों के स्टॉलों को भी यात्रियों के लिए लगाया जाएगा।