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कसाना को आना था रुद्रपुर, मगर सीधे पहुंच गए नैनीताल

Sun, 20 Dec 2015 11:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/ रुद्रपुर
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विवादों में रहे दरोगा रजत कसाना एक बार फिर से चर्चाओं में हैं। किसी प्रकरण में बयान देने पीएचक्यू गए रजत कसाना रुद्रपुर पुलिस लाइन वापस नहीं लौटे, अलबत्ता पीएचक्यू के आदेश पर उन्होंने नैनीताल पुलिस लाइन में आमद जरुर करा ली। प्रदेश में अपने आप में अजब मामला है, जब किसी दरोगा को रिलीव करने के लिए सीधे पीएचक्यू का हस्तक्षेप हुआ है।
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 दरोगा रजत कसाना बीते 16 सितंबर को उस समय विवादों में आ गए थे, जब उन्होंने दिनेशपुर एसओ रहते हुए थाना परिसर में सरेआम पिस्टल से फायर किया था। आला अफसरों से नजदीकियों के चलते दरोगा पर कार्यवाही नहीं हो सकी। एसएसपी केवल खुराना ने मामले की जांच बिठाई तो कसाना दोषी पाए गए। रुतबे का ही गुरुर रहा कि कसाना एसएसपी के जनता दरबार में दो बार बुलाने पर भी नहीं पहुंचे। एसएसपी ने 31 अक्टूबर को कसाना को लाइन हाजिर कर दिया था। कसाना पर आधा दर्जन मामलों में जांच भी बिठा दी थी। लाइन हाजिर होने के 24 घंटे के भीतर डीआईजी ने कसाना का अनुकंपा के आधार पर नैनीताल तबादला कर दिया था।
लेकिन एसएसपी ने जांच का हवाला देकर कसाना को रिलीव नहीं किया। तब से कसाना पुलिस लाइन में ही थे। कसाना ने भी साढ़े छह पन्नों की जीडी में उत्पीड़न के बारे में विस्तार से लिखा था। बीते 11 दिसंबर को कसाना लाइन से पीएचक्यू बयान देने के लिए रवाना हुए। उन्हें 13 दिसंबर को लाइन में आमद करानी थी, लेकिन वह तब से लाइन में हाजिर नहीं हुए।
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इधर पीएचक्यू से आदेश नैनीताल पुलिस लाइन पहुंचा और कसाना ने आमद दर्ज करा दी। विभागीय सूत्र बताते हैं कि किसी दरोगा या सिपाही का तबादला होने पर एसएसपी ही रिलीव आर्डर पर दस्तखत करते हैं। संबंधित कर्मी को लाइन में नो ड्यूज देना पड़ता है। लेकिन हाईप्रोफाइल मामले में दरोगा के लिए सीधा मुख्यालय से आदेश आ गया। इधर रुद्रपुर पुलिस लाइन में कसाना की आमद का इंतजार होता रहा और उधर कसाना ने पीएचक्यू के आदेश पर सीधे नैनीताल पुलिस लाइन पहुंचकर आमद करा दी।
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