रुद्रपुर। शहर में यातायात का बढ़ता दवाब और ई-रिक्शा-टेंपो चालकों की मनमानी आम जनता साथ ही पुलिस के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। पुलिस- प्रशासन के तय किए नियमों को ताक पर रखकर ई-रिक्शा और टेंपो चालक निर्धारित रूटों के बजाय मनमाने रास्तों पर दौड़ रहे हैं। प्रशासन की सख्ती के बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई है।
रुद्रपुर के मुख्य चौराहे और मार्ग दिनरात ई-रिक्शा और टेंपो से घिरे रहते हैं। कमाने की लालच में चालक वाहनों को सड़क और हाईवे के बीचों बीच खड़ी कर देते हैं। इससे दूसरें वाहनों को निकलने में दिक्कत होती है। वहीं रात में ई-रिक्शा चालक निर्धारित रूटों को दरकिनार कर देते हैं। इस दौरान भारी वाहनों की आवाजाही भी बढ़ जाती है।
मनमाने तरीके से ई-रिक्शा दौड़ने से हादसे की आशंका कई गुना बढ़ गई है। ई-रिक्शा चालक सवारी के अलावा अपने जान को भी कई बार खतरे में डाल देते हैं। रात के समय भारी वाहन शहर से गुजरते हैं तो गलत दिशा में चल रहे ई-रिक्शा अक्सर इनकी चपेट में आ जाते हैं।
कुछ महीनों में सिडकुल मार्ग और तीनपानी के पास ऐसे कई मामले आए हैं जहां ई-रिक्शा और अज्ञात वाहन की टक्कर में यात्री घायल हुए हैं। पुलिस को अब इन मामलों को लेकर सख्ती करने की आवश्यकता है जिससे यातायात को कंट्रोल किया जा सके और हादसों में कमी आए।
इनसेट-
रुद्रपुर में ई-रिक्शा के लिए चार मुख्य रूट और उनकी कलर पट्टी निर्धारित हैं।
लाल पट्टी (रूट 1): डीडी चौक से खेड़ा, फुलसुंगी, तीनपानी और ट्रांजिट कैंप।
नीली पट्टी (रूट 2): अग्रसेन चौक से इंदिरा कॉलोनी, सिंह कॉलोनी, मलिक कॉलोनी और शांति विहार।
हरी पट्टी (रूट 3): अग्रसेन चौक और गाबा चौक से रेलवे स्टेशन तक।
पीली पट्टी (रूट 4): अग्रसेन चौक से बाटा चौक होते हुए विशाल मार्ट से आवास विकास, लेकिन चालक इसके विपरित ही वाहन को अपनी मनमर्जी के मुताबिक, दौड़ाते हैं।
ट्रांजिट कैंप वाले रूट पर किशोर के हाथ में वाहन की कमान
रुद्रपुर के सबसे ज्यादा चलने वाले रूट ट्रांजिट कैंप में किशोर ई-रिक्शा चलाते पाये जाते हैं लेकिन यह चालक पुलिस की नजर से कोसों दूर हैं। किशोर चालक बिना रजिस्ट्रेशन और बिना ट्रेनिंग के वाहन मुख्य सड़कों पर अचानक यू-टर्न ले लेते हैं जिससे पीछे से आ रही बाइक या कार उनसे टकरा जाती है। इन मामलों को लेकर पुलिस- प्रशासन को अभियान चलाकर कार्रवाई करने की जरूरत है।