रोडवेज परिवहन निगम की खटारा बसों में यात्री लू को झेलकर बीमार हो रहे हैं। भारी गर्मी के बावजूद रोडवेज बस स्टेशन पर पीने के पानी तक की सुविधा नहीं है।
सुविधा देने के नाम पर रोडवेज परिवहन निगम यात्रियों से किराया तो भरपूर वसूलता है। लेकिन सुविधाएं नाम मात्र की भी नही देता है। निगम के मानकों के अनुसार भी बसों में साफ-सफाई व्यवस्था नहीं रहती। निगम की अधिकांश बसें खटारा हैं। शीशे टूटे हैं, जिससे यात्रियों को लू लगने से बीमार होने का खतरा बना रहता है।
टूटी खिड़कियों की आवाज से यात्रियों को बैठना भी मुश्किल हो जाता है। रोडवेज डिपो परिसर का तो और भी बुरा हाल है। डिपो में तीन-चार साल पहले लाखों की लागत से फर्श बनाया गया था जो कुछ ही महीनों में उखड़ गया। तब अधिकारियों ने अपनी गर्दन बचाने के लिए ठेकेदार से फर्श के ऊपर प्लास्टर करवा दिया।
लेकिन अब यह प्लास्टर भी पूरी तरह से उखड़ गया है। हालात यह है कि बसे डिपो में आती है तो धूल का गुबार उड़ता है और कंकड़ उड़कर लोगों को लगते है। डिपो परिसर में यात्रियों के पीने के लिए साफ पानी नही है। नगर व्यापार मंडल ने वाटर कूलर तो लगवा दिया। लेकिन चोरों ने कूलर का स्टेप्लाइजर चोरी कर लिया।
जिसे अधिकारियों ने नया नहीं लगवाया। जिससे यात्रियों को साधारण हैंडपंपों का पानी पीना पड़ रहा है। उधर, रोडवेज डिपो के केंद्रीय प्रभारी मधुसूदन मिश्रा ने बताया कि उन्हें वाटर कूलर के ऊपर से चोरी हुए स्टेबलाइजर के बारे मेें जानकारी नहीं है। एआरएम से बात करके इस समस्या को दूर करने की कोशिश की जाएगी।
बीमारी फैलने की आशंका
रोडवेज डिपो में लगा वाटर कूलर से गिरने वाला पानी फर्श पर फैलता रहता है। जिससे डिपो परिसर में तो गंदगी होने ही साथ ही मच्छरों और बीमारी फैलने की भी आशंका बनी हुई है। डिपो अधिकारी इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं है।
मटके रखवाए जाएंगे......
रोडवेज डिपो के सहायक महाप्रबंधक महेंद्र कुमार ने बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए डिपो में दो मिट्टी के मटके रखवाए जाएंगे। वाटर कूलर के स्टेेपलाइजर की भी शीघ्र व्यवस्था की जाएगी।