फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Udham Singh Nagar News: सितारगंज में नदियों के बदले रुख ने मचाई तबाही, हाईवे का 20 मीटर हिस्सा बहा

Thu, 03 Sep 2026 01:14 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
सितारगंज। पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के कारण कैलाश और बैगुल नदियां उफान पर हैं। मंगलवार देर रात दोनों नदियों ने सितारगंज में जमकर तबाही मचाई। कैलाश नदी का रुख बदलने से बिज्टी-मझोला स्टेट हाईवे का करीब 20 मीटर हिस्सा नदी में धंस गया। वहीं शक्तिफार्म में बैगुल नदी के कटाव से एक परिवार का आशियाना नदी में समा गया। कई जगहों पर पानी ने खेतों को भी निगल लिया। प्रशासन और पुलिस की टीमों ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर राहत एवं बचाव कार्य चलाया।
विज्ञापन

मंगलवार रात करीब 10:30 बजे कैलाश नदी के तेज बहाव ने बिज्टी-मझोला मार्ग स्थित कैलाश पुलिया के एप्रोच मार्ग को अपनी चपेट में ले लिया। नदी के बहाव का रुख बदलने के कारण पानी खेतों को काटता हुआ सीधे स्टेट हाईवे तक पहुंच गया। तेज बहाव से सड़क के नीचे की मिट्टी कट गई और सड़क का करीब 20 मीटर हिस्सा धंसकर नदी में समा गया। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटना की आशंका को देखते हुए मार्ग पर बैरियर लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी। इसके बाद वाहनों को खेमपुर-मटिया मार्ग से डायवर्ट किया गया।
लोक निर्माण विभाग की टीम ने रातभर मौके पर रहकर क्षतिग्रस्त एप्रोच मार्ग को दुरुस्त किया। भारी मशक्कत के बाद पत्थर और अन्य सामग्री डालकर सड़क को अस्थायी रूप से आवागमन लायक बनाया गया। बुधवार सुबह से मार्ग पर वाहनों की आवाजाही फिर शुरू करा दी गई। अपर सहायक अभियंता सत्यपाल सिंह ने बताया कि कैलाश नदी ने अपना बहाव बदल लिया था। पानी के तेज बहाव ने पुल के एप्रोच मार्ग को अंदर से खोखला कर दिया था।
विज्ञापन


एक घर नदी में समाया, सैकड़ों एकड़ फसल पर संकट
शक्तिफार्म के गांव सुरेंद्रनगर में बैगुल नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज कटाव से हालात और गंभीर हो गए। गांव के पीछे बह रही नदी ने अपना रौद्र रूप दिखाते हुए आसपास की सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि को अपनी चपेट में ले लिया। कटाव लगातार बढ़ने से एक घर भी नदी में समा गया। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
बच्चों को रिश्तेदारों के यहां भेजकर घर संभालने लौटे लोग
मंगलवार को बैगुल के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित नकहा और नयागांव के परिवारों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया था। इसके बाद बुधवार को नदी का जलस्तर कम होने के बाद राहत शिविरों में ठहरे परिवार अपने घरों की ओर लौट गए। पीड़ित कुलदीप ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें रिश्तेदारों के घर भेज दिया गया है। वह परिवार के अन्य सदस्यों के साथ घर संभालने और नुकसान का जायजा लेने के लिए गांव लौटे हैं।
पहले भी बदल चुका है कैलाश नदी का रुख
ओबीसी आयोग के सदस्य हरजिंदर सिंह खालसा ने बताया कि कैलाश नदी के रुख बदलने के कारण कैलाश पुल का एप्रोच मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि नदी के बहाव में बदलाव के कारण इससे पहले भी स्टेट हाईवे को नुकसान पहुंच चुका है। ऐसे में नदी के कटाव और बहाव को नियंत्रित करने के लिए स्थायी सुरक्षा कार्यों की जरूरत है।
प्रशासन अलर्ट, प्रभावित परिवारों पर रख रहा नजर
तहसीलदार हिमांशु जोशी ने बताया कि प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं। नदी किनारे रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जरूरत पड़ने पर उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रशासनिक टीम स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।

खेतलसंडा खाम में पुलिया के ऊपर से बहा नाले का पानी
खटीमा। खटीमा क्षेत्र में बुधवार को दिनभर हुई बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। खेतलसंडा खाम पुलिया के ऊपर नाले का पानी बहने से राजीव नगर जाने के लिए मार्ग बंद हो गया। सितारगंज मार्ग और खटीमा उप जिला अस्पताल परिसर में भी जलभराव की समस्या रही। क्षेत्र में 55 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इधर, वनगवां गांव के श्रीलंका टापू से दूसरे दिन बरसाती पानी निकलने से ग्रामीणों को जलभराव की समस्या से राहत मिली।
लगातार बारिश के चलते राजीव नगर चौराहे से लोहियाहेड मार्ग को जाने वाली सड़क के गड्ढों में जलभराव और फिसलन से राहगीर परेशान रहे। खकरा और ऐंठा नाले का जलस्तर बढ़ने से खेतलसंडा खाम के पास पुलिया के ऊपर नालों का पानी बहने लगा जिससे राजीव नगर और खेतलसंडा खाम के बीच आवाजाही बंद हो गई। उप जिला अस्पताल परिसर से बरसाती पानी की निकासी न हो पाने से मरीजों व तीमारदारों को काफी असुविधा हुई। सितारगंज मार्ग पर कुछ दुकानों में बरसाती पानी घुस गया। इधर, तहसीलदार वीरेंद्र सजवाण ने बताया कि ग्राम वनगवां में राहत शिविरों में रह रहे अधिकांश परिवार अपने घर चले गए हैं। उन्होंने बताया कि वनगवां गांव के 19 प्रभावित परिवारों को प्रशासन की ओर से पांच हजार रुपये के राहत राशि के चेक वितरित किए जाएंगे। चेक तैयार कर लिए गए हैं।

नौसर में कई घरों में घुसा बरसाती पानी
मझोला। मझोला क्षेत्र में दो दिन से लगातार हुई बारिश के चलते नौसर, जादोपुर, रघुलिया आदि गावों के लोगों को काफी दिक्कतें हुईं। नौसर में चार घरों में चारों तरफ बरसाती पानी भरने पर लोगों को सुरक्षित स्थान में पहुंचाया गया। नौसर ग्राम प्रधान महेंद्र पाल ने बताया कि सत्रहमील से नौसर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर पानी भर जाने से आवाजाही बाधित रही। गांव के कई निचले क्षेत्रों में जल भराव होने से ग्रामीण परेशान रहे।
रुक-रुक कर हो रही बारिश से जलमग्न हुए कई इलाके
काशीपुर। पिछले 48 घंटों से रुक-रुक कर हो रही बारिश से शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए। बांसफोड़ान और कटरामालियान में कई दुकानों में पानी घुस आने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा।

सोमवार की रात से शुरू हुई बारिश मंगलवार के बाद बुधवार को भी जारी रही। बारिश से मोहल्ला कटोराताल, कटरामालियान, गंज, थानासाबिक, मुख्य चौराहा, गेबिया नाला, गौतम नगर नाला, रामनगर रोड नाला, मुख्य बाजार, पटेल नगर, मुरादाबाद रोड, रेलवे स्टेशन रोड आदि क्षेत्रों में कई-कई फीट पानी भर घुस गया। दुकानों में पानी घुसने से काफी सामान भीग गया। जलभराव के कारण दोपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए जिससे यातायात प्रभावित हुआ। वहीं, नई बसी कालोनियों में खाली पड़े भूखंड तालाबों में तब्दील हो गए।
गौला नदी के कटाव से 10 बीघा कृषि भूमि बही, बेहड़ ने किया निरीक्षण

शांतिपुरी। दो दिन से हो रही तेज बारिश के कारण शांतिपुरी क्षेत्र में गौला नदी का वेग काफी बढ़ गया है। नदी के तेज बहाव से भारी भूकटाव शुरू हो गया है। अब तक करीब 10 बीघा कृषि भूमि नदी में समा चुकी है। इससे किसान परेशान हैं।
बुधवार को विधायक तिलक राज बेहड़ ने जिपं सदस्य प्रेम आर्य, पूर्व जिपं सदस्य विनोद कोरंगा, कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष विशन सिंह कोरंगा सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ संबंधित क्षेत्र का निरीक्षण कर भूकटाव की स्थिति का जायजा लिया। प्रभावित किसानों में रमेश दानू, धन सिंह मेहता, पनीराम, डिगर राम, पोखर राम, पंकज आर्य, भवान राम, प्रताप राम, भगवान सिंह, शेर सिंह और मोहन सिंह नेगी आदि ने बताया कि लगातार कटाव के चलते उनकी उपजाऊ कृषि भूमि नदी में समाती जा रही है।

विधायक ने कहा कि भविष्य में किसानों की जमीन नदी के कटाव से सुरक्षित रहे, इसके लिए ठोस नीति तैयार कर नाबार्ड या अन्य उपलब्ध फंड से एस्टीमेट तैयार कराया जाएगा। वहां पूर्व प्रधान नारायण सिंह कोरंगा, रमेश लोहनी, सुरेंद्र कार्की, दीप सिंह कोरंगा, चंचल सिंह कोरंगा आदि थे।
एसडीएम और तहसीलदार ने लिया जायजा

किच्छा। एसडीएम गौरव पांडेय और तहसीलदार गिरीश चंद त्रिपाठी ने बुधवार काे गौला नदी क्षेत्र का दौरा किया। एसडीएम पांडेय ने बताया कि गौला में जलस्तर सामान्य है। कहीं भी बाढ़ या जलभराव जैसी स्थिति नही है। उन्होंने बताया कि प्रशासन गौला क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने पर पूरी निगाह बनाए हुए है।
महुआखेड़ा गंज में जलभराव, राहगीर परेशान

महुआखेड़ा गंज। बारिश के बाद नगर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। जिन कॉलोनियों में अब भी कच्चे रास्ते हैं, वहां पानी भरने से लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। वहीं फैक्टरियों के बीच बनी सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे होने से उनमें भी पानी भर गया जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों ने अधिकारियों से कच्चे रास्तों को दुरुस्त कराने और जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है।
निकासी की व्यवस्था नहीं, जलभराव ने परेशान किया
बाजपुर। लगातार हो रही बारिश से राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर सहित कई स्थानों पर जलभराव हो गया। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पानी निकासी नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्र में मार्ग भी तालाब बन गए। इधर, बारिश के चलते लेवड़ा, गडरी और कोसी नदी का जल स्तर बढ़ गया है।

एसडीएम ऋचा सिंह के निर्देश पर बीडीओ शेखर जोशी ने टीम के साथ महाविद्यालय परिसर का निरीक्षण किया। बीडीओ ने बताया कि प्रधान से मोटर लगवाकर पानी निकासी कराई जा रही है। इधर, गांव नंदपुर नरका टोपा स्थित कॉलोनी में रास्ता तालाब में तब्दील हो गया है। गांव के सामाजिक कार्यकर्ता लक्की संधू ने बताया कि कॉलोनी में पानी निकासी को व्यवस्था नहीं है, रास्ता भी बदहाल है। जलभराव होने से संक्रमण रोग फैलने की आशंका बनी है। इसके अलावा अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से लोग परेशान है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें