काशीपुर। मौसम में बदलाव और उमस के चलते बुखार और टाइफाइड के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में इन दिनों बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, कमजोरी और पेट दर्द की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। कई मरीजों में जांच के बाद टाइफाइड की पुष्टि भी हो रही है।
सरकारी अस्पताल में इन दिनों में बुखार पीड़ित मरीजों की संख्या सामान्य मरीजों से अधिक देखी जा रही है। इनमें बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी शामिल हैं। मरीजों को तेज बुखार के साथ ठंड लगना, भूख न लगना, उल्टी-दस्त और पेट दर्द जैसी परेशानियां भी हो रही हैं। अस्पताल की फिजीशियन डॉ. कीर्ति मेहरा ने बताया कि टाइफाइड मुख्य रूप से दूषित पानी और संक्रमित खाद्य पदार्थों के सेवन से फैलता है। बारिश के मौसम में जलभराव और दूषित पानी के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। खुले में बिकने वाले कटे फल और अस्वच्छ भोजन भी इसका कारण बन रहे हैं। लोगों को उबला हुआ पानी पीने, भोजन ढककर रखने और खाने से पहले और शौच के बाद हाथ धोने की अपील की है। उन्होंने बताया कि वायरल और टाइफाइड के लक्षण एक जैसे दिख सकते हैं, इसलिए समय पर जांच कराना जरूरी है। टाइफाइड की पुष्टि होने पर दवा का पूरा कोर्स करना जरूरी है। बीच में दवा छोड़ने से बीमारी दोबारा हो सकती है।