रुद्रपुर। 1100 करोड़ रुपये की लागत से बनी रिंग रोड के शुरू होने के बाद सिडकुल का कारोबार पटरी पर लौट आया है। उद्योगों से माल की ढुलाई दिन में भी होने लगी है। मालवाहक वाहनों को अब रात 10 बजे का इंतजार करने से निजात मिल गई है।
शहर के अंदर जाम और ट्रैफिक दबाव के चलते दिन में भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक थी। इससे माल पहुंचाने में दिक्कत होती थी और लागत भी बढ़ जाती थी। रिंग रोड बनने के बाद भारी वाहन शहर के अंदर जाए बिना सीधे हाईवे तक पहुंच रहे हैं। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत हो रही है। उद्योगों का कच्चा और तैयार माल दिन में भी आसानी से आ-जा रहा है। उद्योग संगठनों ने कहा कि रिंग रोड सिडकुल के लिए जीवन रेखा साबित हुई है। इससे उत्पादन बढ़ा है और नए ऑर्डर समय पर डिलीवर हो रहे हैं।
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जाम के झाम से मिली मुक्ति
वाहन चालकों का कहना है कि पहले जाम में फंसना पड़ता था। अब रिंग रोड से सफर 30 से 40 मिनट में पूरा हो जाता है। रोड से न सिर्फ सिडकुल, बल्कि पूरे शहर को जाम से राहत और व्यापार को नई गति मिली है।
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क्या बोले कारोबारी
रिंग रोड सिडकुल के लिए फायदेमंद साबित हुई है। पहले सिडकुल से जाने वाले मालवाहन वाहनों को रात 10 बजे बाद ही शहर में वाहनों को प्रवेश मिलता था। रिंग रोड से आवागमन सुगम हो गया है।
-श्रीकर सिन्हा, सिडकुल एसोसिएशन
रिंग रोड सिडकुल के लिए किसी उपहार से कम नहीं है। इसके बनने से कारोबारियों को राहत मिली है। कंपनियों से वाहन सही समय पर रवाना हो रहे हैं।
-अजय तिवारी, पूर्व अध्यक्ष, सिडकुल एसोसिएशन
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क्या बोले नेता
रिंग रोड सरकार का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। सीएम धामी ने इसके लिए स्वयं हर स्तर पर मेहनत की। रिंग रोड के बनने से शहर में लगने वाला जाम खत्म हो गया है।
-विकास शर्मा, मेयर
हमारी सरकार किए गए हर वादे पूरा कर रही है। इसी वादे का एक हिस्सा रिंग रोड भी है। इसके बनने से हर आदमी को लाभ हो रहा है। सिडकुल का कारोबार पटरी पर आ गया है।
-शिव अरोरा, विधायक