खटीमा। नाले की सफाई की आड़ में हो रहे खनन के मामले में एसडीएम निर्मला बिष्ट ने नगर पालिका के ठेकेदारों, सभासदों, हल्का पटवारियों की बैठक ली। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि राजस्व विभाग नाले की सीमा को चिन्हित करेगा और नगर पालिका नाले को साफ कर उसमें निकलने वाले कचरे को डौल में जमा करेंगे। इस मिट्टी का क्या किया जाएगा इसका फैसला खनन अधिकारी करेंगे। उन्होंने कहा कि नाले की मिट्टी का अवैध खनन किया तो सख्त कार्रवाई होगी।
एसडीएम कार्यालय में हुई बैठक में हल्का पटवारी नवनीत चौहान, दीपेश कुमार ने नाले की सीमा निर्धारित कर सोमवार से निशान लगाने को कहा। नगर पालिका के वरिष्ठ लिपिक सुभाष कुमार एवं पूर्व विधायक गोपाल सिंह राणा ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के बाद नाले में पड़ा मलबा ठेकेदार उठा सकता है। ठेकेदार 70 ट्रालियों का 290 रुपये प्रति ट्राली की दर से नगर पालिका में शुल्क जमा करेगा और 30 ट्राली मलबा नगर सीमा के गहरे स्थानों में भरेगा। बैठक में विवेक रस्तोगी, अरुण सक्सेना, अमित वर्मा, सभासद महेश राणा, विमल मेहता, ताहिर, आरिफ आदि थे। इधर, सोमवार को अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेते हुए एसडीएम ने नाले का जायजा लिया। उन्होंने खोदे गए आईटीआई परिसर पर मिट्टी भरने के लिए ठेकेदारों को निर्देशित किया।
तहसीलदार ने रात्रि में मौके से बाइक बरामद की
खटीमा। तहसीलदार यूसुफ अली ने बताया कि रविवार की रात 11.30 बजे नाले से मिट्टी उठाने की शिकायत के आधार पर मौके पर पहुंचे तो खनन करने वाले ट्रैक्टर-ट्रालियां लेकर भाग गए। लेकिन मौके से एक बाइक संख्या यूके06वाई-8738 बरामद की। जो पुलिस के सुपुर्द की गई है।