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चकबंदी अधिकारियों की रिपोर्ट कई राज खोलेगी

Sun, 17 Sep 2017 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर
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चकबंदी अधिकारियों की रिपोर्ट कई राज खोलेगी - फोटो : अमर उजाला
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रुद्रपुर। एनएच 74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी ने बाजपुर तहसील के चकबंदी अधिकारियों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है। बाजपुर के 12 गांव चकबंदी प्रक्रिया के अधीन होने के बाद भी तत्कालीन चकबंदी अधिकारियों द्वारा जमीन संबंधी रिपोर्ट तैयार की थी। इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर एसडीएम ने किसानों की भूमि की प्रकृति बदली और एसएलओ ने उन पर मुआवजा स्वीकृत कर दिया। एसआईटी के सामने चकबंदी अधिकारियों की रिपोर्ट से भूमि की प्रकृति बदलने के ऐसे 20 से अधिक मामले आए हैं।  
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एनएच 74 भूमि मुआवजा घोटाले की तहसील वार जांच में जुटी एसआईटी के सामने इस बात का खुलासा हुआ कि बाजपुर तहसील में नियम विरुद्ध भूमि की प्रकृति बदलकर किसानों को लाखों का मुआवजा देने का सबसे बड़ा घोटाला किया गया है। चकबंदी अधिकारियों ने बंदोबस्त अधिकारी की संस्तुति के बिना जमीनों की रिपोर्ट तैयार की। तत्कालीन एसडीएम ने रिपोर्ट को आधार बनाकर किसानों की कृषि भूमि को अकृषि में बदल दिया। एसएलओ ने बिना जमीन का स्थलीय निरीक्षण कर किसानों को लाखों का मुआवजा स्वीकृत कर दिया।

एसआईटी ने बाजपुर में चकबंदीकर्ता रह चुके अमर सिंह से पूछताछ की थी। पूछताछ में उनके द्वारा तैयार की गई 20 रिपोर्ट संदिग्ध पाई गई हैं। अब एसआईटी ने एसएलओ कार्यालय से अमर सिंह द्वारा तैयार की गई चकबंदी रिपोर्ट का रिकॉर्ड मांगा है। शनिवार को भी एसआईटी ने बाजपुर के ही पूर्व चकबंदी अधिकारी संजीव कुमार से पूछताछ कर उनके द्वारा किए गए चकबंदी के रिकॉर्ड की पड़ताल की। सूत्रों के अनुसार एसआईटी को इस रिकॉर्ड में भी कई खामियां मिली हैं। बाजपुर तहसील के तीन किसानों से भी एसआईटी ने पूछताछ कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। 
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चुटकी देवरिया के छह खसरों में भी हुआ गोलमाल 
रुद्रपुर। किच्छा के चुटकी देवरिया में टॉल प्लाजा शिफ्टिंग के नाम पर जमीनों के खसरों में गड़बड़ी की गई। सूत्रों की मानें तो दो वर्ष पूर्व जब टोल प्लाजा शिफ्ट करने का आदेश जारी हुआ तो कुछ किसानों ने तत्कालीन एसएलओ और एसडीएम के साथ मिलकर तत्काल टोल प्लाजा को शिफ्ट करने के स्थान पर आने वाली अपनी कृषि भूमि को अकृषि में दर्शाकर एनएचआई से मुआवजा ले लिया। एक किसान को तो 1.83 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया था।  
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