श्री श्याम पेपर मिल से बकाया भुगतान की उम्मीद लगाए श्रमिकों को थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। प्रबंधन की ओर से दिए गए चेक को श्रम विभाग ने तहसील प्रशासन को वापस लौटाते हुए रकम का ड्राफ्ट मांगा है। तहसीलदार ने भी अमीन के हाथ चेक को प्रबंधन तक पहुंचाकर ड्राफ्ट देने के निर्देश दिए हैं। इधर मिल मालिक ने शनिवार से श्रमिकों को खुद की भुगतान करने की बात तहसीलदार से कही है।
मुरादाबाद रोड पर स्थित श्री श्याम पेपर मिल को करीब साढ़े पांच सौ श्रमिकों का दस महीने का करीब डेढ़ करोड़ से अधिक रुपये का भुगतान करना है। मिल में चार महीने से उत्पादन बंद है। बकाया भुगतान नहीं करने पर तहसील प्रशासन ने मिल की तीन एकड़ जमीन को कुर्क कर रखा है।
पिछले महीने जमीन की नीलामी से एक दिन पहले मिल प्रबंधन ने एक करोड़ 29 लाख रुपये का एएलसी के नाम का चेक तहसीलदार को सौंपा था। चेक में भुगतान की तिथि 22 अगस्त दर्ज थी। प्रबंधन की ओर से चेक देने से श्रमिकों में भुगतान की उम्मीद जगी थी। हालांकि 23 अगस्त को भुगतान की मांग को लेकर श्रमिकों ने मिल गेट पर धरना प्रदर्शन भी किया था। मिल मालिक ने 27 को भुगतान करने का आश्वासन दिया था।
इधर श्रम विभाग ने प्रबंधन की ओर से जारी चेक को वापस लौटा दिया है। एएलसी अनिल यादव ने बताया कि प्रबंधन को चेक नहीं ड्राफ्ट देना चाहिए था, इसलिए चेक को वापस लौटा दिया गया है। तहसीलदार संजय कुमार ने बताया कि श्रम विभाग ने लिखित रुप से चेक के बजाए ड्राफ्ट की मांग की है। चेक को अमीन के हाथों मिल प्रबंधन तक पहुंचा दिया गया है। उन्होंने बताया कि मिल मालिक ने उनसे शनिवार को भुगतान करने की बात कही है।