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उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाएं महिला

Sun, 28 Apr 2019 12:15 AM IST
अरुण कुमार अमर उजाला ब्यूरो 
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गदरपुर के देशबंधू कॉलेज में अपराजिता कार्यक्रम में बोलते स्कूल प्रबंधक और मंचासीन अतिथि। - फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के तहत देशबंधू इंटरमीडिएट कॉलेज पिपलिया नंबर एक में शनिवार को वक्ताओं ने छात्राओं को स्वास्थ्य पोषण एवं महिला अधिकारों की जानकारी दी। वक्ताओं ने महिला उत्पीड़न की घटनाओं का एकजुट होकर मुकाबला करने पर जोर दिया। सभी ने नारी की गरिमा को बनाए रखने की शपथ ली।

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महिला कल्याण संस्था की अध्यक्ष हीरा जंगपांगी ने महिला अधिकारों की जानकारी देते हुए कहा कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाज से खत्म करना जरूरी है। आंगनबाड़ी सुपरवाइजर शफीकन खान एवं कार्यकर्ता मनप्रीत कौर ने स्वास्थ्य एवं पोषण के साथ ही छात्राओं को संतुलित खानपान की जानकारी दी।

थानाध्यक्ष ललित मोहन जोशी ने महिला सुरक्षा के लिए बने कानून की जानकारी दी। कहा कि सोशल मीडिया पर भड़काऊं पोस्ट के साथ ही अपरिचित लोगों से दूरी बनाए रखें। निजी जानकारियां साझा करने से बचना चाहिए। कॉलेज प्रबंधक ओमियो विश्वास ने अपराजिता अभियान की सराहना की। 
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इस दौरान 215 लोगों ने संकल्प पत्र भी भरे। वहां पर सेवानिवृत्त शिक्षक प्रभाकर तिवारी, अनिल रौतेला, एसआई भुवनचंद जोशी, विश्वजीत विश्वास, उत्तम अधिकारी, भगवान दास, रीता दूबे, पूर्णिमा साहा, गीता रानी, संतोष जीना, मलीना, सुनीता मौर्य आदि मौजूद रहे। 

- अपराजिता कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं के अधिकारों की आवाज बुलंद करके समाज में जागरूकता पैदा की जा रही है। इसके लिए अमर उजाला बधाई का पात्र है। - सपना विश्वास, प्रधानाचार्या

- बाल विवाह का प्रचलन समाज के लिए अभिशाप बन रहा है, इसे रोकना होगा। अभिभावकों को अपने बच्चों से तमाम अपेक्षाएं होती हैं। बच्चों को परिजनों की बात माननी चाहिए। - मीनाक्षी चौधरी, छात्रा

- 18 वर्ष से कम आयु पर विवाह करने वालों के खिलाफ कानून सख्ती बरते। बालिकाओं को शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा का भी परस्पर अधिकार मिलना चाहिए। - आकांक्षा सरकार, छात्रा

- महिलाओं पर होने वाले अपराधों पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए। बाल विवाह, दहेज प्रथा जैसी कुरीतियां बंद होंगी तो समाज आगे बढ़ेगा। सभी को कुरीतियों के खिलाफ पहल करनी होगी। - जसप्रीत कौर, छात्रा

- अपराजिता कार्यक्रम से हिम्मत बंधी है। अपने अधिकारों एवं जीवन में कुछ नया करने की प्रेरणा मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के आयोजन होंगे तो महिलाओं में जागरूकता बढ़ेगी। - चित्रा हाल्दार, छात्रा

- लड़कियों के प्रति समाज को अपनी सोच बदलने की जरूरत है। बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने के लिए अभिभावकों एवं सभ्य समाज को आगे आना चाहिए। - मानसी राय, छात्रा

- अपराजिता कार्यक्रम से बहुत कुछ सीखने को मिला है। हमें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना पड़ेगा, तभी मातृ शक्ति की आन, बान, शान को कायम रखा जा सकेगा। 
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- पायल विश्वास, छात्रा(

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