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तराई में पहुंचा तितली तूफान, बारिश से बढ़ी ठंड

Fri, 12 Oct 2018 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो  रुद्रपुर।
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रुद्रपुर में बारिश के बीच गुरजती छात्राएं। - फोटो : amar ujala
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चक्रवाती तूफान तितली बंगाली की खाड़ी से उठकर विभिन्न राज्यों से गुजरता हुआ बृहस्पतिवार को ऊधमसिंह नगर तक पहुंच गया। जिले में बारिश के साथ तूफान और धूल के गुबार से जनजीवन प्रभावित हो गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि चक्रवाती तूफान का असर लंबा नहीं रहेगा। शुक्रवार को मौसम साफ रहेगा। 

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रुद्रपुर में दोपहर करीब 1:30 बजे अचानक शुरू हुए अंधड़ और बादल छाने से अंधेरा छा गया। तूफान से सब्जी मंडी समेत कुछ स्थानों पर फड़ों के छप्पर और कुछ टिनशेड उड़ गए। इसके बाद बूंदाबांदी के बाद हल्की बारिश शुरू हो गई। इससे जहां ठंडक बढ़ने से मौसम सुहावना हो गया, वहीं जनजीवन प्रभावित होने के साथ ही किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है।

लोग बारिश से बचने के लिए छाता लेकर गुजरते दिखे। पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि चक्रवाती तूफान तितली के अचानक पहुंचने से तूफान के बाद बारिश हुई। उन्होंने बताया कि बंगाली की खाड़ी उठा तितली तूफान ने ओडिशा, आंध्र प्रदेश, बिहार, पश्चिमी बंगाल, उत्तर प्रदेश से होता हुआ उत्तराखंड में प्रवेश किया। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को मौसम साफ रहेगा। बृहस्पतिवार को जिले में करीब 30 एमएम बारिश हुई। न्यूनतम तापमान 21.2 और अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहा। 
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हवाओं के साथ बारिश से धान को क्षति
सितारगंज/किच्छा। क्षेत्र में बृहस्पतिवार दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से जहां मौसम सुहावना हो गया, वहीं हवाओं के कारण खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई। इससे धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों के चेहरे मुरझा गए हैं। वहीं किच्छा में भी बारिश और आंधी से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। यहां भी फसलों को कफी नुकसान पहुंचा है। मौसम के बदले मिजाज को देखकर किसानों के चेहरे उतर गए हैं। इलाके में ठंड भी बढ़ गई है। 

तेज बारिश से मंडी में भीगा धान, खेतों की फसल भी बर्बाद 
गदरपुर। तेज हवाओं के साथ अचानक हुई बारिश से गदरपुर अनाज मंडी में तौल के लिए लाया गया करीब सौ क्विंटल धान भीग गया। वहीं, खेतों में खड़ी फसल को भी काफी हद तक नुकसान पहुंचा है। तहसीलदार जेपी गौड़ ने राजस्व कर्मियों को धान की फसल को हुई क्षति के नुकसान का आकलन करने के लिए निर्देशित किया है। इसके अलावा बारिश से जगह-जगह जलभराव के कारण जनजीवन भी अस्त व्यस्त रहा। 

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