उत्तराखंड: तराई से पहाड़ तक बारिश बनी परेशानी, कहीं फसल हुई बर्बाद...कहीं घरों में घुसा पानी; जीवन अस्त-व्यस्त
Sun, 27 Sep 2026 10:55 AM IST
गायत्री जोशी
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधमसिंह नगर/ काशीपुर/ बागेश्वर
सार
उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी है। चंपावत, ऊधमसिंह नगर और बागेश्वर में बीते 24 घंटे में भारी बारिश दर्ज की गई। चंपावत में 160 मिमी और ऊधमसिंह नगर के किच्छा में 137 मिमी बारिश हुई, जबकि बागेश्वर में औसतन 62 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
चंपावत में शुक्रवार से बारिश का दौर जारी है और रविवार की सुबह भी बारिश जारी रही। आपदा कंट्रोल रूम के मुताबिक पिछले 24 घंटों में चंपावत में 160 मिमी बारिश हुई है। जबकि टनकपुर में 95, बनबसा में 78, लोहाघाट में 30 और पाटी में 42 मिमी बारिश हुई है वहीं शारदा नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के करीब बह रहा है। हालांकि प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और लगातार नदी तट किनारे प्रशासन और पुलिस नजर बनाए हुए है। बारिश के चलते दो एनएच और एक स्टेट हाइवे सुबह मलवा से बंद हो गया है, जिसे खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
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ऊधमसिंह नगर में पिछले 24 घंटों में जमकर बारिश हुई है। रविवार सुबह आठ बजे तक के आंकड़ों के अनुसार जनपद की सभी तहसीलों में बारिश दर्ज की गई है, जिससे तापमान में गिरावट आई है। रविवार को अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रहा। जिला आपदा प्रबंधन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा बारिश किच्छा में 137 मिमी दर्ज की गई। जसपुर में 135 मिमी, काशीपुर में 133 मिमी, गदरपुर में 115 मिमी, बाजपुर में 106 मिमी, रुद्रपुर में 105 मिमी, खटीमा में 102 मिमी और सितारगंज में 86 मिमी बारिश हुई। बारिश के बावजूद जनपद की सभी नदियां सामान्य स्तर पर बह रही हैं। बेगूल नदी में 5560 क्यूसेक, कैलाश में 7120 क्यूसेक, जगबूड़ा में 8680 क्यूसेक और देवहा में 9328 क्यूसेक जलस्तर दर्ज किया गया। सभी नदियां चेतावनी स्तर से काफी नीचे हैं। वहीं बैगुल, नानक सागर, शारदा सागर, बौर, हरिपुरा, तुमड़िया और धौरा जलाशय में भी जलस्तर सामान्य है और खतरे के निशान से नीचे है। सड़क, बिजली, संचार और पानी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और कहीं से भी जलभराव की बड़ी सूचना नहीं है।
बागेश्वर जिले में शुक्रवार देर रात से शुरू हुआ मूसलाधार बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। आपदा नियंत्रण कक्ष से रविवार सुबह 8:00 बजे जारी पिछले 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार, जिले में औसतन 62.0 मिमी बारिश दर्ज की गई है। सर्वाधिक 68.0 मिमी वर्षा कपकोट क्षेत्र में हुई, जबकि बागेश्वर और गरुड़ में 59-59 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के बावजूद जिला मुख्यालय में सरयू और गोमती नदी का जलस्तर फिलहाल स्थिर बना हुआ है। सरयू नदी का गेज 866.40 मीटर पर स्थिर है, जो कि चेतावनी स्तर (869.70 मीटर) से करीब तीन मीटर नीचे है। वहीं गोमती नदी का जलस्तर 863.30 मीटर दर्ज किया गया है। दोनों नदियां खतरे के निशान (870.70 मीटर) से काफी नीचे बह रही हैं। गरुड़ स्थित बैजनाथ बैराज में झील का जलस्तर 1113.20 मीटर है और बैराज से नीचे की ओर 949.72 क्युसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। बारिश के कारण सुबह 8:30 बजे तक जिले के तीन प्रमुख मोटर मार्ग यातायात के लिए बंद हो गए हैं। रवाईंखाल के पास सड़क पर भारी मलबा आने से यातायात ठप है, जिसे आज दोपहर 3:00 बजे तक खोलने का लक्ष्य रखा गया है। तुपेड़ के पास किमी 43 में मलबा आने से मार्ग बाधित हुआ है, जिसे सुबह 10:00 बजे तक सुचारू करने के लिए जेसीबी मशीनें कार्य कर रही हैं। मानसून अवधि के दौरान लगातार भूधंसाव होने के कारण सुरक्षा के दृष्टिगत बंद रखा गया है।