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मेहनत और लगन से गौसिया रहमान ने बदली गांव की तस्वीर

Mon, 17 Oct 2016 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर
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 शहर से सात किमी की दूरी पर स्थित गांव भमरौला जिसकी कुल आबादी 2500 के करीब है, सफाई के मामले में काफी आगे निकल चुका है। भमरौला की ग्राम प्रधान गौसिया रहमान ने अपनी मेहनत और लगन से गांव को जिले का एकमात्र खुले में शौच मुक्त गांव बनने का गौरव प्राप्त है। गांव की प्रधान गौसिया रहमान ने बताया कि जब साल 2014 में वह गांव के प्रधान का चुनाव जीती थीं। उस दौरान गांव की हालत बेहद खराब थी। गांव की महिलाएं शौच के लिए खेतों में जाती थीं। डेढ़ सालों की मेहनत के बाद गांव पूरी तरह से खुले में शौच से मुक्त हो गया।
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 गौसिया बताती हैं कि जब गांव के लोग खुले में शौच के लिए जाते थे तब बीमारियां भी ज्यादा होती थीं। जब से पक्के शौचालय का निर्माण हुआ है। तब से बीमारियों में भी गिरावट आई है। इसके साथ ही उन्होंने गांव में 31 सोलर लाइटें लगवाई हैं। वहीं इंदिरा आवास योजना के तहत 6 आवासों का निर्माण कराया है और गांव में तीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण के लिए मंजूरी मिली है।


 सीएम हरीश रावत ने गौसिया के कार्य से प्रभावित होकर साल 2015 में उन्हें स्वच्छता के क्षेत्र में कार्य करने के लिए सम्मानित किया। वहीं कुछ दिन पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने भी उन्हें सम्मान दिया। तत्कालीन डीएम अक्षत गुप्ता भी उन्हें सम्मानित कर चुके हैं।
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भमरौला गांव में आठ कूड़ेदान स्थापित किए गए हैं। लोग भी इतने जागरूक हो रहे हैं कि कूड़ा सड़कों पर फेंकने बजाए कूड़ेदान में ही डालते हैं।


गांव भमरौला के लोगों ने बताया कि गौसिया गांव के लोगों से जन्म प्रमाण पत्र या अन्य जरुरी दस्तावेज बनवाने के लिए रुपये नहीं लेती हैं। नेत्र पाल ने बताया कि उन्होंने जिला पंचायत से कुछ जरुरी कागज बनवाने थे, जिनकी फीस 50 रुपये थी, लेकिन ग्राम प्रधान ने उनका काम बिना रुपये लिए ही कर दिया।
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