काशीपुर के बांसफोड़ान चौकी में रखे खाद्यान्न के बोरे
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हाथ ठेली और रिक्शा में पकड़े गए खाद्यान्न के बोरों पर अपना हक जताने के लिए कोई भी पुलिस के पास नहीं पहुंचा। यह साफ भी नहीं हो सका है कि माल किसने लदवाया और कहां ले जाया जा रहा था। पूर्ति निरीक्षक ने खाद्यान्न को सरकारी मानते हुए अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने खाद्यान्न के साथ पकड़े गए रिक्शा चालक को भी छोड़ दिया है।
बुधवार की देर शाम मोहल्ला अल्ली खां में पुलिस ने हाथ ठेले और रिक्शे में लाए जा रहे खाद्यान्न भरे 26 बोरे पकड़े थे। पुलिस ने रिक्शा चालक को पकड़ लिया था, जबकि ठेलीवाला भाग निकला था। पुलिस की सूचना पर पहुंचे पूर्ति निरीक्षक आशुतोष भट्ट ने गेहूं, चावल भरे बोरों का निरीक्षण करने के बाद बांस फोड़ान पुलिस चौकी में तहरीर दी। उन्होंने कहा कि 11 बोरों में गेहूं और 15 बोरों में चावल लदा हुआ था।
विपणन निरीक्षक रविराज सिंह ने भी माल का निरीक्षण कर कहा कि पीडीएस के माल के बोरों की सिलाई मशीन से होती है। पकड़े गए बोरे हाथ से सिले हुए हैं। यह नहीं बताया जा सकता कि यह पीडीसी का खाद्यान्न है। चौकी में भीड़ जमा थी, लेकिन किसी ने भी खाद्यान्न को अपना नहीं बताया। यह प्रतीत होता है कि यह खाद्यान्न सरकारी है।
कालाबाजारी के लिए ले जाया जा रहा था। बांस फोड़ान चौकी इंचार्ज जसविंदर सिंह ने बताया कि अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ 3/4 आवश्यक वस्तु अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही कालाबाजारी में लिप्त लोगों का पर्दाफाश किया जाएगा।
उधर क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी एसएस भाकुनी ने कहा कि विभागीय खाद्यान्न के कट्टे मशीन से सिले होते हैं, जबकि ये कट्टे हाथ से सिले गए थे। लेकिन खाद्यान्न को सरकारी मानते हुए अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।