रुद्रपुर। प्रदेश में एक अक्तूबर से धान खरीद शुरू होेगी। इसके लिए सहकारिता विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि सहकारिता विभाग की बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियां अब धान-गेहूं नहीं खरीद रही हैं, लेकिन क्रय-विक्रय समितियां खरीद करेंगी।
पिछले विपणन सत्र से सहकारिता विभाग को धान अैर गेहूं की खरीद के बजाय अनाज के भंडारण की जिम्मेदारी गई है। इसलिए जिले में भी गेहूं और धान के लिए 500 से 1,000 मीट्रिक टन अनाज भंडारण क्षमता के गोदाम खोले जा रहे हैं। जिला सहायक निबंधक डॉ. बीएस मनराल ने बताया कि जिले की 35 बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियां धान व गेहूं की खरीद नहीं करेंगी। इनमें सिर्फ किसानों को फसली ऋण दिया जाएगा लेकिन जिले की आठ क्रय-विक्रय सहकारी समितियों को धान-गेहूं खरीदने की छूट है। तराई विकास सहकारी संघ भी धान खरीदेगा।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ) को धान खरीद के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। धान खरीद को लेकर क्रय केंद्र खोलने के लिए विभिन्न एजेंसी के आवेदन मिल रहे हैं। शीघ्र ही सभी एजेंसी को क्रय केंद्र आवंटित कर दिए जाएंगे। क्रय केंद्राें पर बारदाना उपलब्ध कराया जा रहा है। क्रय केंद्रों पर अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मंडी समितियों से भी वार्ता की जा रही है।
रुद्रपुर ब्लॉक में हैं दो क्रय-विक्रय समितियां
रुद्रपुर। जिले में क्रय विक्रय सहकारी समितियों के कार्यालय विकासखंड स्तर पर खोले गए हैं लेकिन रुद्रपुर विकासखंड में दो समितियांं हैं। इसमें एक शहरी क्षेत्र रुद्रपुर और एक ग्रामीण क्षेत्र किच्छा में स्थित हैं जबकि शेष अन्य छह क्रय-विक्रय समितियां खटीमा, सितारगंज, गदरपुर, बाजपुर, काशीपुर, जसपुर में स्थित हैं।