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Kisan Andolan: गाजीपुर सीमा पर मृतक किसान के बेटों ने पिता की मौत को बताया शहादत, कहा हमें गर्व है

Sun, 03 Jan 2021 11:15 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
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गदरपुर से सटे पछियापुर में मृतक के घर में बैठे गमगीन परिजन - फोटो : अमर उजाला
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कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में गाजीपुर सीमा पर आत्महत्या करने वाले किसान कश्मीर सिंह की मौत को बेटों ने शहादत करार दिया है। उनका कहना है कि पिता को भीषण ठंड में बैठे किसानों की तकलीफ बर्दाश्त नहीं हुई और उन्होंने शहादत दे दी, जिस पर उन्हें गर्व है।

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इधर, कश्मीर सिंह की मौत की सूचना पर बड़ी संख्या में परिचित, रिश्तेदार, किसानों के साथ ही रामपुर जिले के पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने भी घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। किसानों के आक्रोश को देखते हुए कश्मीर सिंह के घर के आसपास यूपी पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं।

गदरपुर से लगे बिलासपुर के पछियापुर गांव के रहने वाले किसान कश्मीर सिंह (71) की शनिवार को गाजीपुर सीमा पर मृत्यु का समाचार मिलने पर परिजन अवाक रह गए। कश्मीर बीते 25 दिनों से गाजीपुर सीमा पर किसान आंदोलन में डटे हुए थे। उनकी मौत की सूचना मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार कश्मीर सिंह के घर पहुंचने शुरू हो गए। रामपुर के एडीएम जगदंबा प्रसाद गुप्ता और एएसपी अरुण कुमार सिंह भी मृतक के घर पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त की। अधिकारियों ने बताया कि परिजनों की सहमति से शव का रामपुर में पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
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परिजनों के मुताबिक कश्मीर 25 दिन पहले गाजीपुर सीमा के लिए रवाना हुए थे। उनके सबसे छोटे बेटे लखविंदर सिंह ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में पिता शिरकत कर रहे थे। वे बेहद मजबूत दिल वाले व्यक्ति थे लेकिन कड़ाके की सर्दी में धरने पर बैठे किसानों का दर्द उनसे सहन नहीं हो पाया और इस वजह से ही उन्होंने शहादत दे दी। उन्हें अपने पिता की शहादत पर गर्व है। बड़े बेटे प्रताप ने कहा कि नेक काम के लिए पिता ने शहादत दी है।

कश्मीर सिंह अपने पीछे 95 साल के बुजुर्ग पिता राम सिंह, तीन बेटों और एक विवाहित बेटी को बिलखता छोड़ गए हैं। उनके दो बेटों प्रताप सिंह और सतनाम सिंह का विवाह हो चुका है। इधर, किसान का शव पहुंचने पर हंगामे की आशंका के मद्देनजर घर के आसपास पुलिस फोर्स की तैनाती भी की गई है।

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शव के साथ बड़ी संख्या में आ रहे किसान

गाजीपुर सीमा से मृत किसान का शव लेकर बड़ी संख्या में किसान पछियापुर के लिए रवाना हो गए हैं। किसान इंदरपाल ने बताया कि रामपुर और आसपास के जिलों से गाजीपुर सीमा पर डटे किसानों में से तमाम किसान शव के साथ आ रहे हैं। इंदरपाल ने बताया कि किसानों में आक्रोश भी है।

तराई से आंदोलन में भाग लेने जा रहे हैं लोग
गाजीपुर सीमा पर चल रहे आंदोलन में तराई के किसान भी भागीदारी कर रहे हैं। शनिवार को आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश घीक, प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश संयुक्त महामंत्री राजेश बंसल, बलविंदर सिंह विर्क, दीपक, अजय बंसल, बंटू बांगा सहित अन्य व्यापारियों ने भी आंदोलन में शिरकत की। सभी ने कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। इसके अलावा यूथ कांग्रेस के सोशल मीडिया अध्यक्ष किशोर कुमार सहित कई लोगों ने भी धरने में शिरकत की।
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