एक्टू के आह्वान पर रविंद्रनगर दुर्गा मंदिर प्रांगण में सिडकुल कंपनी प्रबंधन उत्पीड़न के खिलाफ श्रमिकों ने दमन विरोधी कन्वेंशन बैठक की। इसमें श्रमिकों के शोषण, ठेकेदारी प्रथा सहित श्रमिक नेताओं पर हमले की कड़ी निंदा की। साथ ही निर्णय लिया गया कि दमनकारी नीति बंद नहीं हुई, तो विशाल आंदोलन किया जाएगा।
रविवार को एक्टू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजा बहुगुणा और सीटू के प्रदेशाध्यक्ष सत्य प्रकाश की मौजूद में सिडकुल की विभिन्न कंपनी श्रमिक संगठनों ने दमन विरोधी बैठक की। जिसमें बहुगुणा ने कहा कि भय व भ्रष्टाचार की केंद्र की मोदी सरकार है।
आरोप था कि मोदी सरकार ने रक्षा समझौते सहित सौ फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को इजाजत देकर देश की अस्मिता को दांव पर लगा डाला है। उसी तर्ज पर प्रदेश की रावत सरकार कार्य कर रही है। भ्रष्टाचार व तानाशाही से देवभूमि कलंकित हो चुकी है।
इस दौरान सीटू के सत्य प्रकाश ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों का एकजुट होकर ही खात्मा किया जा सकता है। इस मौके पर भाकपा के प्रांतीय सचिव राजेंद्र प्रथोली, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष पीसी तिवारी, किसान महासभा के उपसचिव अफरोज आलम, पुरुषोत्तम शर्मा, मुकुल, केके बोरा, महेश तिवारी, राजेंद्र, प्रदीप सिंह, बहादुर सिंह जंगी आदि मौजूद थे।