रुद्रपुर। जिला निगरानी समिति के सदस्यों के बुधवार को रुद्रपुर में कोविड अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के डेढ़ घंटे तक वहां पर न पहुंचने पर समिति के सदस्यों ने गहरी नाराजगी जताई। साथ ही वहां मौजूद लोगों ने कोविड अस्पताल में असुविधाओं का आरोप लगाते हुए कहा ऑक्सीजन की कमी से प्रतिदिन मरीजों की मौत हो रही। उन्होंने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जिला निगरानी समिति के सदस्य व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अविनाश श्रीवास्तव, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिवाकर पांडेय और नरेश दुर्गापाल कोविड अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे। करीब डेढ़ तक वहां पर स्वास्थ्य विभाग का एक भी अधिकारी नहीं पहुंचा। समिति के सदस्यों ने कहा कि कुछ अधिकारियों ने उनके फोन तक रिसीव नहीं किए। इसी दौरान वहां पर मौजूद कोरोना संक्रमितों के परिजनों ने कहा कि कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीजों की मौत हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मंगलवार को कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडर लीक हो गया था जबकि सांस फूलने पर सस्पेक्टेड वार्ड में भर्ती कराए गए एक व्यक्ति की ऑक्सीजन की कमी से मौत हो गई। हंगामे की सूचना पर सीएमओ डॉ. देवेंद्र पंचपाल, एसीएमओ डॉ. हरेंद्र मलिक व प्रशासन के अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। समिति के सदस्य दिवाकर पांडेय ने कहा कि कोविड अस्पताल में मरीजों की देखरेख में लापरवाही बरती जा रही है। इसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट को दी जाएगी। उन्होंने बताया कि टीकाकरण केंद्र पर वैक्सीन लगवाने का कार्य सही प्रकार से चल रहा है। केंद्र में कोरोना को लेकर जारी सभी गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है।
जिला अस्पताल की ओपीडी बंद
रुद्रपुर। जिला अस्पताल के ओपीडी पंजीकरण कक्ष में बुधवार सुबह दो कर्मचारियों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। इससे कर्मचारियों के साथ ही लाइन में लगे मरीजों व तीमारदारों में खलबली मच गई। जिसको देखते हुए जिला अस्पताल प्रबंधन ने ओपीडी बंद करने का निर्णय लिया है। हालांकि बृहस्पतिवार को ओपीडी पूर्ववत जारी रहेगी।
कोविड अस्पतालों में गहराया ऑक्सीजन का संकट
काशीपुर। कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन का संकट भी गहराने लगा है। कोरोना मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शहर के 09 निजी अस्पतालों को कोविड अस्पताल बनाया है। आने वाले दिनों में संकट अधिक बढ़ने के आसार हैं जिसे लेकर अस्पताल प्रबंधक चिंतित हैं।
काशीपुर के 09 कोविड अस्पतालों में मरीजों के लिए 215 बेड और 23 वेंटिलेटर हैं। जिनके अनुरूप अस्पतालों में ऑक्सीजन की सप्लाई कम आ रही है। जबकि प्रशासन ऑक्सीजन की कालाबाजारी रोकने के लिए गैस सप्लाई करने वाली कंपनियों में छापा मार रहा है। एक कोविड अस्पताल के प्रबंधक ने बताया कि ऑक्सीजन कम मात्रा में मिलने से वह कोविड मरीजों को भर्ती करने में डर रहे हैं। ऑक्सीजन तैयार करने वाले प्लांट अस्पतालों को सीधे ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं दे रहे हैं। गैस सप्लाई करने वाली कंपनियों के माध्यम से अस्पताल को ऑक्सीजन उपलब्ध हो रही है। आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि अस्पतालों को कुल 60 प्रतिशत ऑक्सीजन मिल पा रही है और 40 प्रतिशत उपलब्ध नहीं हो पा रही है। कुछ अस्पतालों में मरीजों के बैड तक गैस की पाइप लाइन नहीं बिछी है जिसके लिए खाली सिलिंडरों की आवश्यकता पड़ रही है और खाली सिलिंडर भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग को इस समस्या का समाधान करना चाहिए।