शांतिपुरी में धरना देते कांग्रेस कार्यकर्ता।
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रुद्रपुर/ शांतिपुरी। गैरसैंण में सड़क की मांग कर रहे आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज का मामला गरमा रहा है। उत्तराखंड क्रांति दल के पदाधिकारियों ने डीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पंडित रामसुमेर शुक्ल राजकीय मेडिकल कॉलेज का नाम बदलकर राज्य आंदोलनकारी डीडी पंत या इंद्रमणि बडोनी के नाम पर रखने की मांग की है।
बुधवार को उत्तराखंड क्रांति दल के जिलाध्यक्ष भूपेश बिष्ट ने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी, सड़क और अन्य मांगों को लेकर आंदोलनकारी शांतिपूर्वक रैली के माध्यम से कूच कर रहे थे लेकिन सरकार के इशारे पर रास्ते में ही महिलाओं, पुरुषों पर पानी की बौछारें करने के साथ ही बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज किया गया। इस घटना से राज्य सरकार का दोहरा चरित्र जनता के सामने आ गया है। महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने वाली सरकार का यह कृत्य बेहद निंदनीय है। उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज का नाम राज्य आंदोलनकारी डॉ. डीडी पंत या उत्तराखंड के गांधी नाम से विख्यात इंद्रमणी बडोनी के नाम से रखने की मांग की है। कहा कि अगर इन नामों पर कोई आपत्ति है तो चिपको आंदोलन की सूत्रधार गौरा देवी के नाम से भी मेडिकल कॉलेज का नाम रखा जा सकता है। वहां जिलाध्यक्ष आनंद सिंह असगोला, महिला जिलाध्यक्ष कांति भाकुनी, महामंत्री जीवन नेगी, एमसी पांडे, भानू प्रताप, बिमला तिवारी, गंगा भट्ट, भूपेश बिष्ट आदि थे।
उधर शांतिपुरी में पूर्व विधायक नारायण पाल की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने शांतिपुरी नंबर चार गांधीनगर में धरना दिया। उन्होंने कहा कि गैरसैंण में महिलाओं पर लाठीचार्ज की घटना बेहद निंदनीय है। इस घटना से पता चलता है कि सरकार का बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कन नारा केवल ढोंग और दिखावा है। डबल इंजन की सरकार नौजवानों को रोजगार देने में विफल रही है। शांतिपुरी नंबर चार और सूर्यनगर को जोड़ने के लिए सालों पुरानी पुल की मांग अब तक अधूरी है। क्षेत्र की सड़कों के बुरे हाल हैं। चेतावनी दी कि अगर मार्च तक सड़क का कार्य शुरू नहीं कराया तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने स्थानीय विधायक पर शांतिपुरी नंबर दो राजकीय इंटर कॉलेज में दो बार पांच लाख रुपये की घोषणा करने के बाद भी अभी तक कोई पैसा नहीं देने का आरोप लगाया। वहां पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद कोरंगा, पूर्व प्रधान नारायण कोरंगा, राम परवेश, हीरा सिंह, हरीश पांडे, उमराव सिंह, जगत कोरंगा, गोविंद सिंह रौतेला, गोविंद सिंह नेगी आदि थे।