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सीएम राहत कोष की किटे उपलब्ध कराने को विधायक का कार्यालय घेरा

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काशीपुर में कार्यालय पर उमड़ी भीड़ को समझाते विधायक चीमा। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : KASHIPUR
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काशीपुर। राशन की किटें लेने के लिए विधायक हरभजन सिंह चीमा के कार्यालय पर सैकड़ों महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इन सभी के हाथों में एक पार्षद की मोहर लगी पर्चियां थी। किट पाने को आतुर महिलाओं के बीच धक्कामुक्की होने से सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिलाओं को काबू किया। विधायक ने इस अफवाह को राजनैतिक विरोधियों की साजिश बताया है।
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लॉकडाउन के दौरान सीएम राहत कोष से हर वार्ड में जरूरत मंदो को राशन की किटें वितरित की गई थी। इस मद में बची हुई राशन की किटें तहसील कार्यालय में रखी हैं। इन किटों में रखा सामान खराब हो रहा था। तहसील प्रशासन ने 15 दिन पूर्व बची हुई 883 किटें विधायक हरभजन सिंह चीमा के आवास पर पहुंचा दी थी। विधायक ने पार्षदों से बेहद जरूरतमंद लोगों को राशन की किटें उपलब्ध कराने की बात कही थी। अपने आवास से ही वह लोगों को इन्हें बांट रहे थे। इसी क्रम में वार्ड नंबर 10 की पार्षद ने भी कुछ महिलाओं को मोहर लगी पर्चियां बना दी। राशन मिलने की भनक लगते ही पार्षद सूमा देवी के आवास पर महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी और उन पर राशन की पर्चियां देने का दबाव बनाने लगी। पार्षद ने अपनी मोहर लगाकर सौ से अधिक महिलाओं को राशन किटों के लिए पर्चियां थमा दी। शुक्रवार की सुबह महिलाएं पर्चियां लेकर विधायक चीमा के कार्यालय पर आ धमकी। उनमें कई दिव्यांग महिलाएं भी थीं। वहां पहुंची महिलाएं लाइन लगाने को लेकर आपस में धक्कामुक्की करने लगी। सूचना पर एसएसआई सतीश कापड़ी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। लेकिन भीड़ टस से मस तक नही हुई। कोतवाल चंद्रमोहन सिंह ने इस संबंध में विधायक को अवगत कराया। वहां पहुंचे विधायक चीमा ने राशन की किटे बांटे जाने की अफवाह को गलत बताया। इस दौरान कई महिलाएं अपनी गरीबी का हवाला देते हुए विधायक चीमा से मदद की गुहार लगाते देखी गई लेकिन विधायक ने राशन की किटें उपलब्ध कराने में असमर्थता व्यक्त की।
विधायक के किटें बांटने से फैला भ्रम
काशीपुर। वार्ड नंबर 10 की पार्षद सूमा देवी के बेटे विजेंद्र का कहना है कि बृहस्पतिवार को विधायक हरभजन सिंह चीमा ने कुछ लोगों को राशन की किटें दी थीं। वहीं बांसखेड़ाखुर्द में भी जिपं सदस्य हरदेव सिंह व श्रम बोर्ड के सदस्य अमित सिंह ने विधायक चीमा के माध्यम से राशन की किटे वितरित कराई थी। इसी के चलते तमाम महिलाएं उनके घर आ धमकी और उन पर दबाव बनाकर पर्चियां लिखवा ले गई। यद्यपि उन्हें राशन की किटें वितरित न करने के संबंध में स्पष्ट रूप से बता दिया गया था। लॉकडाउन के दौरान सीएम राहत कोष की किटें वितरित होने पर एमएनए ने पार्षदों से पात्रों के संबंध में सूची मांगी थी। कई महिलाएं तब की पर्चियां लेकर विधायक कार्यालय पहुंची थी।
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कांग्रेस और आप ने विधायक को घेरा
काशीपुर। राशन किटों के वितरण को लेकर कांग्रेस व आम आदमी पार्टी ने विधायक को घेरा है। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष संदीप सहगल ने राशन किटों के वितरण को लेकर विधायक हरभजन सिंह चीमा ने कांग्रेस पर दोषारोपण करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कहा कि विधायक चीमा की सहमति के बिना उनकी ही पार्टी का पार्षद महिलाओं को पर्चियां नही लिख सकता। संदीप ने आरोप लगाया कि विधायक ने कुछ खास लोगों को राशन की किटें देने के लिए बुलाया था। लेकिन वहां लोगों की भीड़ देखकर विधायक राशन की किटें वितरित करने की बात से मुकर गए। वहीं आप के विधानसभा प्रभारी मयंक ने इसे लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। कहा कि कुछ पार्षदों द्वारा गरीब परिवारों को राशन का टोकन बनाकर विधायक कार्यालय भेजा गया, लेकिन विधायक ने उनसे कोई बात नही की। उन्होंने इस घटना के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
कोट-
9 जुलाई को उन्होंने पार्षदों की बैठक बुलाई थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि जिन लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है उनकी सूची तैयार कर उन्हें उपलब्ध कराई जाए। ताकि ऐसे लोगों के लिए राशन की व्यवस्था कराई जा सके। इसे लेकर कुछ राजनैतिक विरोधियों ने सरकार को बदनाम करने के लिए गलत अफवाह फैला दी। इससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई और उनके कार्यालय पर भीड़ उमड़ पड़ी।
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हरभजन सिंह चीमा, विधायक काशीपुर।
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