बाजपुर। चीनी मिल के रिक्त पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया से गुस्साए कर्मचारियों ने आउटसोर्सिंग श्रमिकों को मिल में प्रवेश नहीं करने दिया। मौके पर पहुंचे मिल महाप्रबंधक प्रकाश चंद ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। कर्मचारियों ने कहा कि फिटमेंट, पदोन्नति और मृतक आश्रितों को जब तक नियोजन नहीं मिलता संघर्ष जारी रहेगा।
शुक्रवार को शुगर मिल की विभिन्न यूनियनों के कर्मचारी एकत्र होकर मिल गेट पर पहुंचे और प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मांग पूरी होने तक रोजाना मिल गेट के आगे सांकेतिक प्रदर्शन जारी रहेगा। वहां कुलदीप, करन, स्नेह विकास, सुनील यादव, नरेन्द्र शर्मा, गुलाम मुस्तफा आदि थे। इधर, बाजपुर चीनी मिल श्रमिकों के एक प्रतिनिधि मंडल ने देहरादून में गन्ना राज्यमंत्री यतीश्वरानंद से मुलाकात कर मांगपत्र सौंपा। श्रमिक नेता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि गन्ना मंत्री ने आउटसोर्सिंग ठेके को निरस्त करने, रिक्त पदों को सीजनल और 2018 के श्रमिक विरोधी आदेश को निरस्त कराने, कैबिनेट से श्रमिक हित में नई स्थितियों में बहाल कराने का भरोसा दिया है। वहां पर गेंदराज, गुरमीत सिंह, रामकुमार शर्मा, उग्रसेन, जैकब पॉल, अभय प्रकाश, अभिषेक तिवारी थे। (संवाद)
समय पर शुरू कराएं पेराई सत्र
काशीपुर। गन्ना आयुक्त एचडी पांडे ने शुक्रवार को देहरादून, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर की चीनी मिलों के अधिकारियों और गन्ना समिति के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। सभी को चीनी मिलों का फिटनेस कार्य और पेराई सत्र समय पर शुरू करने के निर्देश दिए।
शुक्रवार को गन्ना आयुक्त कार्यालय सभागार में हुई बैठक में आयुक्त पांडे ने पेराई सत्र 2021-22 के लिए गन्ना सर्वेक्षण की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसानों को गन्ना आपूर्ति समय पर करने के लिए पर्चियां प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। गन्ना विभाग गांवों में जो सड़कें बना रहा है उनकी गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। चीनी मिल गोदामों के ऊपर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाएं जाएं और कोराजन रसायन के दुष्प्रभाव के मद्देनजर दूसरा रसायन प्रयोग किया जाए। वहां पर गन्ना उपायुक्त विवेक राय, प्रचार एवं जनसंपर्क अधिकारी मुख्यालय नीलेश कुमार, सहायक चीनी आयुक्त अर्जुन सिंह, योगेंद्र सिंह आदि थे।