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गरीबों को भोजन के अधिकार से वंचित कर देंगे कृषि कानून 16-45-51

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रुद्रपुर में कृषि कानूनों के खिलाफ जुलूस निकालतीं महिलाएं। - फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। कृषि कानूनों के खिलाफ शुक्रवार को सैकड़ों महिलाओं ने जुलूस निकालकर आक्रोश जताया। उन्होंने केंद्र सरकार से जनहित में कृषि कानून वापस लेने की मांग की।
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दोपहर 12 बजे ग्रीन पार्क कॉलोनी से तराई सिख महासभा के बैनर तले सैकड़ों महिलाएं जुलूस की शक्त में एनएच-74 से गाबा चौक, गल्ला मंडी होते हुए महाराजा रणजीत सिंह पार्क पहुंचीं। वहां डिबडिबा के किसान नवरीत सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान हुई सभा में महिला किसानों ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर के किसान दिल्ली की सीमाओं पर 66 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। अब तक आंदोलन में सौ से अधिक किसान शहीद हो चुके हैं लेकिन सरकार किसानों की मांगें मानने के बजाय पूंजीपतियों के इशारे पर उनके खिलाफ झूठे केस दर्ज कर रही है।
आरोप लगाया कि सरकार षड्यंत्र के तहत किसान आंदोलन को समाप्त करना चाहती है। सरकार देेश की अर्थव्यवस्था को पूंजीपतियों के हाथों सौंपता चाहती है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि एक बार पूंजीपतियों ने कृषि अर्थव्यवस्था पर कब्जा कर लिया तो गरीब जनता भोजन के अधिकार से भी वंचित हो जाएगी। वहां स्त्री सत्संग सभा की अध्यक्ष परमजीत कौर, सचिव जसवीर कौर, तराई सिख महासभा के प्रवक्ता रणजीत सिंह, रविंद्र कौर, हरि सिंह, रंजीत कौर, कुलवंत कौर, प्रकाश कौर, मनप्रीत कौर, दर्शन कौर आदि थे।
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