डीएम अक्षत गुप्ता ने कहा कि पिछले 5 सालों में जहां बाढ़ से अधिक नुकसान हुआ है उन स्थानों को चिन्हित कर वहां की व्यवस्थाओं को अभी से दुरुस्त कर लिया जाए। इस कार्य के लिए संबंधित उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, सिंचाई विभाग के अधिकारी संवेदनशील व अतिसंवेदनशील क्षेत्रों का संयुक्त निरीक्षण कर बाढ़ से बचाव के प्रस्ताव एक हफ्ते में प्रस्तुत करें।
उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग प्रस्ताव बनाकर अपने उच्चाधिकारियों को भी भेजें ताकि शासन स्तर की बैठक में कार्यों को कराने के लिए धनराशि स्वीकृत कराई जा सके। डीएम कलक्ट्रेट में स्टेयरिंग कमेटी की बैठक ले रहे थे।
डीएम ने कहा कि बीते वर्षों की तरह जिन नालों की सफाई नगरीय क्षेत्रों में नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायत, सिंचाई विभाग द्वारा की जाती थी, वह नालों की सफाई मई माह तक कराना सुनिश्चित करें।
जिन नदियों से सिल्ट हटानी है उसका प्रस्ताव तीन दिन के अंदर बनाने को कहा। इतना ही नहीं उन्होंने नया काम शुरू करने से पहले अनुमति लेने को कहा।
बैठक में सीडीओ डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी दीप्ति वैश्य, आशीष भटगई, उपजिलाधिकारी मनुज गोयल, एपी बाजपेई, विजय कुमार जोगदंडे, पूरन सिंह राणा, एचएस मर्तोलिया, ऋचा सिंह, अनिल कुमार शुक्ला, डीपी सिंह, डिप्टी सीएमओ एसएस दुग्ताल आदि मौजूद रहे।