काशीपुर। वर्षों से बदहाली के आंसू बहा रहे काशीपुर स्टेडियम के जीर्णोद्धार की उम्मीदें फिलहाल अधर में नजर आ रही हैं। स्टेडियम के कायाकल्प के लिए आठ महीने पहले केंद्र सरकार को भेजा गया करोड़ों रुपये का प्रस्ताव फाइलों में धूल फांक रहा है। हैरानी की बात यह है कि स्थानीय विभागीय अधिकारियों को इस प्रस्ताव की मौजूदा स्थिति के बारे में कोई जानकारी तक नहीं है।
कई सालों से स्टेडियम देखरेख के अभाव में बदहाल हो चुका है। एथलेटिक्स ट्रैक ऊबड़-खाबड़ है। पानी की छिड़काव तक नहीं कराया जा रहा है। छह साल पहले बना साढ़े सात करोड़ का बहुउद्देशीय का फर्श पूरी तरह उखड़ चुका है। पवेलियन जर्जर हालात में है। इस कारण से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण प्राप्त करने में भारी परेशानी हो रही है।
इसका संज्ञान लेकर खेल विभाग ने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम योजना के तहत पेयजल निर्माण निगम ऊधमसिंह नगर से प्रस्ताव तैयार कराया है। इसके तहत स्टेडियम में नया पवेलियन, ऑलवेदर तरणताल तैयार किया जाएगा। यहां ठंड में भी तैराकी प्रतियोगिताएं और कैंप लगाए जा सकेंगे।
वालीबाल और बास्केटबॉल कोर्ट का भी नया निर्माण होगा। खेल मैदान में एथलेटिक्स ट्रैक और क्रिकेट के लिए पिच तैयार की जाएगी। बैडमिंटन हॉल और बहुउद्देशीय भवन में मरम्मत कार्य होगा। इसके अलावा कैफेटेरिया की सुविधा की जाएगी। इस कार्य में करीब 40-45 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।
कोट:
काशीपुर स्टेडियम में नया पवेलियन, कैफेटेरिया, क्रिकेट, ट्रैक, फ्रंट लाइट, बास्केटबॉल, वालीबाल कोर्ट आदि का निर्माण के लिए डिजाइन एवं नक्शा समेत प्रस्ताव तैयार कर विभाग को सौंप दिया था। शासन से भारत सरकार को भेजा चुका है। इसकी अभी मंजूरी नहीं मिली है। - नरेंद्र नवानी, प्रोजेक्ट मैनेजर, पेयजल निर्माण निगम, ऊधमसिंह नगर
कोट:
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम योजना के तहत स्टेडियम के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव अल्पसंख्यक विभाग के माध्यम से शासन को भेजा था। पेयजल निर्माण निगम ऊधमसिंह नगर ने इसकी डीपीआर तैयार की थी। अपडेट के बारे में इसकी जानकारी नहीं है। -जानकी कार्की, जिला क्रीड़ाधिकारी, ऊधमसिंह नगर