जीजा की संपत्ति का लालच ही मुनीष की मौत का कारण बन गया। संपत्ति हड़पने के लिए उसने मां के साथ मिलकर जीजा सुरजीत पर जुल्म ढहाने शुरू कर दिए थे। जिससे परेशान होकर सुरजीत ने अपने दो भाइयों और भतीजे के साथ उसकी हत्या कर दी। सुरजीत अपने दो भाइयों रामनिवास और श्रीनिवास के साथ ही अपराध की दुनिया में सक्रिय था। आपराधिक इतिहास होने के कारण 45 वर्ष की उम्र में भी सुरजीत का विवाह नहीं हुआ था। करीब छह वर्ष पूर्व उसकी मुलाकात बदायूूं में मुनीष के परिवार से हुई। उसने मुनीष की छोटी बहन कोमल से शादी का प्रस्ताव रखा। मुनीष के परिवार के पास विवाह के लिए पैसे नहीं थे।
सुरजीत ने स्वयं पैसे देकर कोमल से शादी की। सुरजीत के साथ विवाह से पूर्व ही कोमल की एक बेटी थी। विवाह के बाद मुनीष अपनी मां के साथ रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप में आकर बर्तनों की दुकान चलाने लगा। कुछ समय बाद सुरजीत भी ट्रांजिट कैंप में घर लेकर रहने लगा। यहां सुरजीत ने अपने भाई रामनिवास से रुपये लेकर दोमंजिला मकान बनाया और सोहन पापड़ी थोक व्यापार भी शुरू किया। इस बीच सुरजीत की तीन लड़कियां भी हो गईं।
उसका कारोबार भी अच्छा चलने लगा, जिसे देखकर मुनीष और उसकी मां को जलन होने लगी। दोनों ने सुरजीत की संपत्ति को हथियाने के लिए उस पर जुल्म ढहाने लगे। वह अक्सर सुरजीत के साथ अक्सर मारपीट कर देते। उन्होंने कई बार भाइयों के सामने भी सुरजीत का अपमान किया। इसी से छुटकारा पाने के लिए उन्होंने मुनीष की हत्या कर शव को जला दिया। फरार आरोपियों के खानाबदोश जीवन जीने की वजह से उनकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है।
आरोपियों का एक भाई वकील और बहन पूर्व ब्लॉक प्रमुख
एक ही परिवार में परवरिश पाकर जहां राम निवास, श्रीनिवास और सुरजीत अपराधी बन गए। वहीं उसका एक भाई शाहजहांपुर में वकील है तो बहन आवास विकास बदायूं की ब्लॉक प्रमुख रह चुकी है। वर्तमान में उनके बहनोई वहां के ब्लॉक प्रमुख हैं। इसके साथ ही इनके एक भाई की कुछ समय पूर्व मौत हो चुकी है ।
शातिर दिमाग का अपराधी है राहुल
हत्यारोपी राहुल बड़े ही शातिर दिमाग का अपराधी है। मुनीष के परिजनों को फंसाने के लिए उसने थाना दातागंज उत्तर प्रदेश में खुद के हाथ में गोली मारकर उसके परिजनों के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करवाया था। पुलिस ने राहुल को अवैध तमंचा रखने के आरोप में जेल में बंद किया। जेल में रहने के दौरान राहुल शार्प शूटर मैसर अली के संपर्क में था। जेल से रिहा होने के बाद मैसर के आदमी उसे अपने साथ ले गए, जिससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि अगर जल्द ही राहुल को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह मैसर अली के संरक्षण में कई और गंभीर अपराधों को अंजाम दे सकता है।