गांधी पार्क में आयोजित सरस मेेले में बिच्छु घास से बने उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। प्रकृति माई स्वयं सहायता समूह ने अपने स्टॉल में बिच्छू घास से बने पापड़, लड्डू, साबुन, नमक, चाय, माउथ फ्रेशनर आदि उत्पाद लगाए हैं।
अल्मोड़ा जिले की माया बहुगुणा ने 2020 में लमगड़ा में प्रकृति माई स्वयं सहायता समूह बनाकर बिच्छू घास से उत्पाद तैयार करने का काम शुरू किया था। वर्तमान में वो 65 महिलाओं को रोजगार दे रही हैं। ये महिलाएं बिच्छू घास की खेती, कलेक्शन, प्रोसेसिंग के कार्य करती हैं। समूह की महिलाएं जंगली वनस्पति, नीम, हल्दी, ऑरेंज आदि से बने साबुन भी तैयार करती हैं। माया ने बताया कि औषधीय पौधा होने के कारण बिच्छू घास के उत्पाद फायदेमंद होते हैं। इसके बने उत्पादों की मांग देश भर में है।
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महिलाओं को भा रहे ममता के सौंदर्य उत्पाद
रुद्रपुर। सरस मेले में टनकपुर की ममता के सौंदर्य उत्पाद महिलाओं को खूब भा रहे हैं। नामचीन ब्रांडों से अलग घर में केसर, ओट्स, बादाम, मसूर की दाल, संतरे के पाउडर और बेसन बने फैस स्क्रब, झाइयों को दूर करने के लिए ग्लो क्रीम, सरसों और अन्य प्राकृतिक चीजों से बना आयुर्वेदिक तेल, पाउडर और अन्य उत्पाद खूब बिक रहे हैं। संवाद