काशीपुर। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर ने दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के दौरान क्षमता निर्माण विषय पर प्रबंधन विकास कार्यक्रम (एमडीपी) के पांच बैचों का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड के पीएम श्री विद्यालयों के 232 प्रधानाचार्यों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय प्रधानाचार्यों की नेतृत्व क्षमता, प्रबंधकीय दक्षता और संस्थागत शासन से संबंधित क्षमताओं को मजबूत करना था।
आईआईएम काशीपुर में यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की परिकल्पना और पीएम श्री योजना के उद्देश्यों के अनुरूप तैयार किया गया था। डीन (विकास) एवं कार्यक्रम निदेशक प्रो. कुणाल के. गांगुली ने कहा कि शैक्षणिक सुधारों की सफलता काफी हद तक विद्यालय नेतृत्व की क्षमता पर निर्भर करती है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय प्रमुखों को आधुनिक प्रबंधन दृष्टिकोण से सशक्त बनाना, उन्हें एनईपी 2020 के सिद्धांतों के प्रति संवेदनशील बनाना और समग्र एवं समावेशी छात्र विकास के लिए बाल मनोविज्ञान से प्राप्त अंतर्दृष्टियों को एकीकृत करना था। प्रधानाचार्य विद्यालय संस्कृति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इस स्तर पर क्षमता निर्माण, विद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता में सतत सुधार के लिए अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम में शैक्षणिक नेतृत्व, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, संगठनात्मक संस्कृति, विद्यालय शासन, रणनीतिक योजना, वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रबंधन आदि विषय को शामिल किया था।