व्यापारी सूरज चंद की हत्या कर शव को शौचालय के टैंक में डालने के चारों आरोपियों को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने हत्यारोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस बीच पुलिस ने व्यापारी की हत्या के षड्यंत्र की जानकारी होने के बावजूद भी पुलिस से छिपाने के मामले में ज्याला की बहन, भांजे और एक अन्य साथी को भी गिरफ्तार कर 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस इस हत्याकांड में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच रही है।
व्यापारी सूरज हत्याकांड का खुलासा करते हुए एएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि तीन जुलाई को सूरज कंजाबाग रोड स्थित हत्याकांड के मुख्य आरोपी ललित ज्याला के कार्यालय में आया। जहां ईश्वर सिंह खनका, सुरेश राणा, पप्पू राणा बैठे थे। यहां इनके बीच लेनदेन को लेकर विवाद हुआ। थोड़ी देर बाद सूरज अपनी स्कूटी से कंजाबाग की ओर निकल गया। ज्याला भी अपने तीन अन्य साथियों को लेकर कार से निकला। सूरज का पीछा कर उसे कंजाबाग ब्यानधुरा मंदिर के पास रोक लिया।
उसने सूरज से कहा कि उसे एक प्रॉपर्टी दिखा देते हैं। सूरज अपनी स्कूटी वहीं छोड़कर कार में बैठ गया। यहां से ज्याला सूरज को लेकर सीधा श्रीपुर बिचवा अपनी बहन माया के घर लेकर गया जहां उसने अपने एक और साथी हरेंद्र चौहान निवासी अमाऊं को बुलवाया। वहां ज्याला का भांजा जीवन भी था। यहां पांचों लोगों ने सूरज के हाथ पैर बांध दिए। ज्याला की बहन माया ने कहा कि सूरज को उसके घर से बाहर लेकर जाओ। ज्याला ने सूरज को फिर कार में डाल दिया। ललित ने सूरज से उसके साले को फोन कराया और उससे स्वयं का ही नाम व एक अन्य व्यापारी दिनेश का नाम बोलकर रुपये लाने को कहा। यह भी कहा कि वह मुसीबत में है।
उसके बाद सूरज को वह कार में लेकर घूमते रहे। शाम को आठ बजे उन्होंने फिर सूरज से उसकी पत्नी मंजू देवी को फोन कराया और कहा कि वह खाना खाकर सो जाए वह लेट आएगा या फिर सुबह आएगा। फोन कटते ही एक कपड़े से सूरज का गला घोंटकर हत्या कर दी। शव को रात 11 बजे अंजनियां निवासी स्थित सुरेश के घर के आंगन में बने शौचालय के टैंक में बंद कर ऊपर से प्लास्टर कर दिया। इस पूरे घटना क्रम को दूसरा रंग देने के लिए ईश्वर खनका सूरज की स्कूटी को शाम चार बजे इस्लाम नगर में खड़ी कर आया और उसका मोबाइल भी गौटिया में नाले में फेंक दिया ताकि पुलिस का ध्यान इस्लाम नगर-गौटिया में ही उलझा रहे।