पहाड़ों पर कीवी और एप्पल मिशन के बाद मैदान में ड्रैगन मिशन की शुरुआत हो चुकी है। अब इसी तर्ज पर ‘फ्लावर मिशन’ लागू कर तराई को महकाने की तैयारी की जा रही है। प्रदेश में ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार में बड़े पैमाने पर फूलों की खेती होती है। यूएस नगर जिले में 149.42 हेक्टेयर भूमि पर फूलों की खेती होती है, जिससे 686.43 मीट्रिक टन उत्पादन होता है। अभी तक किसान फूलों की खेती किसी मिशन या स्कीम के तहत नहीं करते हैं, जिससे उन्हें लाभ होता हो। हालांकि, किसानों को फूलों की खेती पर 50 फीसदी सब्सिडी मिलती है। पहाड़ों पर कीवी, एप्पल और मैदान में ड्रैगन मिशन से न सिर्फ फलों को बढ़ावा मिला, मिशन में किसानों को 80 फीसदी तक सब्सिडी दी गई। इससे जुड़कर किसानों की आय में भी वृद्धि हुई। प्रदेश में फलों के लिए लागू मिशन की सफलता के बाद शासन ने प्रदेश में फ्लावर मिशन को लागू करने का निर्णय लिया है।
किसानों को मिलेगा अतिरिक्त लाभ
अभी तक किसानों को फूलों की खेती करने पर पौधों की खरीद पर 50 फीसदी सब्सिडी दी जाती है। अब जबकि मिशन लागू करने की तैयारी चल रही है तो सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि फूलों के लिए एक तो स्कीम चलेगी और मिशन के तहत किसानों को अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ भी मिलने लगेगा। साथ ही फूलों के विपणन आदि की व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।
किसानों ने की मंडी बनाने की मांग
संयुक्त निदेशक उद्यान सुरेश राम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऊधमसिंह नगर के किसानों से रायशुमारी की। इसमें किसानों ने कहा कि सरकार फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए मिशन लागू करती है तो यह अच्छा कदम है, वे जरूर फूलों की खेती करेंगे। उन्होंने जिले में फूल की मंडी बनाने की भी मांग की।
फूल क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) उत्पादन (मीट्रिक टन)
जरबेरा 5.34 21.57
ग्लेडियोलाई 39.73 66.42
लिलियम 0.55 0.85
गेंदा 56.51 568.33
गुलाब 30.25 47.48
रजनीगंधा 3.65 2.00
अन्य फूल 13.69 70.62
फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए फ्लावर मिशन को लागू करने पर विचार चल रहा है। इसके लिए किसानों से भी फीडबैक लिए जा रहे हैं। जल्द ही शासन इस पर निर्णय ले सकता है। -प्रभाकर सिंह, सीएचओ