मंडी निदेशालय में शुक्रवार को हुई मंडी बोर्ड बैठक में कई अहम प्रस्ताव पास किए गए। प्रदेश की मंडियों में राजस्व वसूली का काम निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है। मंडियों की दुकानों को भी फ्री होल्ड करने पर विचार किया जा रहा है।
शुक्रवार को मंडी निदेशालय सभागार में बोर्ड बैठक में हुए फैसलों की जानकारी देते हुए अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर डब्बू ने बताया कि मंडियों में भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। मंडियों की आय बढ़ाने के लिए राजस्व वसूली का कार्य पीपीपी मोड पर देने का प्रस्ताव पास किया गया है। यह फैसला मंडी हित में लिया गया है। पीपीपी मोड पर प्रदेश में 22 मंडियों की 400 से अधिक दुकानों को फ्री होल्ड करने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा जा रहा है।
मंडी परिषद की आय दोगुनी करने के लिए खाली पड़ी संपत्तियों का उपयोग किया जाएगा और विपणन व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। डोईवाला चीनी मिल पर तीन करोड़ के बकाए की भी वसूली की जाएगी। मंडी परिषद को 100 करोड़ की निर्माण विंग बनाने के लिए भी प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। अभी तक मंडी परिषद को 10 करोड़ तक के निर्माण कार्य करने का ही अधिकार है।
ये पढ़ें- Uttarakhand: उत्तराखंड हाईकोर्ट में शीतकालीन अवकाश घोषित, जानें कब खुलेगा कोर्ट
कर्मचारियों को नियमित करने की ओर बढ़े कदम
मंडी अध्यक्ष डॉ. अनिल ने बताया कि मंडी में ठेकेदारी प्रथा समाप्त करते हुए संविदा या अन्य स्तर पर कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए कदम बढ़ाए जा रहे हैंं। कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए गोल्डन कार्ड बनाने के साथ ही निजी स्वास्थ्य सुविधाएं देने का भी प्रस्ताव पास किया गया है। कर्मचारियों को निजी अस्पताल में इलाज पर 50 प्रतिशत खर्चा मंडी परिषद करेगी और 50 प्रतिशत खर्च कर्मचारियों को करना होगा।
आय बढ़ी तो यूपी की तर्ज पर होगा मंडी टैक्स
मंडी अध्यक्ष ने बताया कि मंडी परिषद का राजस्व बढ़ता है तो यूपी की तर्ज पर किसानों से ढाई की जगह डेढ़ प्रतिशत मंडी टैक्स लिया जाएगा। राज्य की चमोली, चकराता और नरेंद्रनगर मंडियों की आय बेहद कम है। इन मंडियों को सशक्त करने के लिए 50-50 लाख रुपये देने का प्रस्ताव पास हुआ है। फल संग्रह केंद्र बनाने के लिए एक करोड़ रुपये, किसानों के बच्चों की छात्रवृत्ति के लिए 20 लाख, पंत विवि में शोध के लिए 10 लाख, फलों की पैकिंग के लिए 15 लाख का प्रस्ताव पारित किया गया है।