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प्रदेश की पहली मत्स्य आहार मिल का निकला दम, अब ग्रोथ सेंटर में मिल बनाने की तैयारी

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प्रमोद कुमार शुक्ल, उपनिदेशक, मत्स्य विभाग - फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। हेमपुर हैचरी में स्थापित प्रदेश की पहली मत्स्य आहार बनाने वाली मिल के बंद होने के बाद अब प्रशासन मत्स्य विभाग के काशीपुर ग्रोथ सेंटर में दूसरी मिल लगाने की तैयारी कर रहा है। शासन की ओर से उद्योग केंद्र को ग्रोथ सेंटर के लिए 38 लाख रुपये भी अवमुक्त हो चुके हैं। मिल के संचालन का जिम्मा 25 महिलाओं को सौंपा जाएगा।
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2015 में प्रदेश की पहली मत्स्य आहार बनाने वाली मिल को हेमपुर हैचरी में बनाया गया था। तीन सालों में मिल से 2417 क्विंटल मत्स्य आहार बनाया गया। इससे मत्स्य विभाग की 85 लाख रुपये की आय हुई थी। बीच-बीच में मशीनों का खराब होना और मैनपावर की कमी के कारण विभाग इसे चला नहीं पाया। वर्ष 2018 से वर्तमान तक 27 लाख रुपये की लागत से बनाई गई मिल में मशीनें धूल फांक रही हैं।
मिल के बंद होने के चलते आंध्रप्रदेश और आगरा की निजी संस्थाओं ने इसका खूब फायदा उठाया। उच्च गुणवत्ता वाले मत्स्य आहार को स्थानीय बाजार में लाकर मत्स्य पालकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कराया था। लेकिन सुस्त कार्यप्रणाली के चलते मिल का संचालन ढंग से नहीं हो सका था लेकिन काशीपुर के बांसखेड़ा खुर्द में बनाए जा रहे मत्स्य विभाग के ग्रोथ सेंटर में दूसरी मिल खोलने के लिए बजट भी अवमुक्त हो चुका है। इसमें स्वयं सहायता समूह की प्रत्येक महिलाओं को अच्छी आमदनी होने की बात कही जा रही है। ग्रोथ सेंटर से सालाना 5400 क्विंटल मत्स्य आहार तैयार करने का दावा किया जा रहा है।
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पीपीपी मोड में देने का कर रहे विचार
रुद्रपुर। मत्स्य विभाग के उप निदेशक प्रमोद कुमार शुक्ल ने बताया कि प्रदेश की पहली मिल को पीपीपी मोड में देने का विचार किया जा रहा है। कैबिनेट की बैठक में इसका प्रस्ताव रखा जाएगा। पीपीपी मोड में आने के बाद मिल का संचालन करवाया जाएगा।
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