रुद्रपुर। कई वर्षों से चिकित्साधिकारियों की कमी से जूझ रहे जिले के 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (ए टाइप) में स्वास्थ्य सेवा पटरी पर लौटने की उम्मीद जग गई है। सीएमओ ने आयुष विंग में तैनात चिकित्सकों को प्रशिक्षण देने के साथ ही दवा लिखने की अनुमति देने का निर्णय लिया है।
जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शक्तिफार्म, नगलातराई, शांतिपुरी, प्रतापपुर, मैनाझुंडी, नारायणपुर, गूलरभोज, सकैनिया, बन्नाखेड़ा, हरपुराहरसान, बेरियादौलत, नारायणनगर, पतरामपुर, गड़ीनेगी, हल्दी (किच्छा), पक्कीखमरिया, रायपुर (गदरपुर), साधुनगर, तिलियापुर, रामनगर, जोगीपुरा, करनपुर में चिकित्सा अधिकारी के पद रिक्त हैं। इससे लोगों को स्वास्थ्य सेवा का समुचित लाभ नहीं मिल रहा था।
पीएचसी में चिकित्साधिकारियों के पद रिक्त होने की समस्या को अमर उजाला ने 21 फरवरी के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया था। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्साधिकारियों के पद रिक्त होने को गंभीरता से लिया है।
इन अस्पतालों में आयुष विंग में आयुर्वेदिक चिकित्सक तैनात हैं। इन चिकित्सकों को आउट ऑफ काउंट दवा लिखने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है। पहले आयुष विंग के चिकित्सकों को दवाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ