रुद्रपुर। अनुसूचित जाति वर्ग के शिल्पियों को उनकी ओर से तैयार किए गए उत्पादों को बेचने और बाजार उपलब्ध कराने के लिए किच्छा बाईपास पर 3.14 करोड़ की लागत से तैयार कांप्लैक्स का ऑडिट त्रि-स्तरीय कमेटी करेगी। ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर ही कार्यदायी संस्था मंडी परिषद की ओर से भवन समाज कल्याण विभाग को हस्तांतरित किया जाएगा।
समाज कल्याण विभाग की ओर से डॉ. भीमराव आंबेडकर भवन का निर्माण पूरा हो चुका है। भूतल पर बनाई गई 13 दुकानों को न्यूनतम शुल्क में अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को दिया जाएगा। प्रथम तल पर चार बहुउद्देशीय भवन बनाए गए हैं, इसमें प्रशिक्षण व गोष्ठियां आयोजित की जा सकेंगी।
द्वितीय तल पर शिल्पियों के लिए अस्थायी और अल्प अवधि के अवस्थान के लिए डोरमैट्री (आवासीय भवन) व कार्यालय कक्ष बनाया गया है। डोरमैट्री में ठहरने के लिए बिजली-पानी, रखरखाव आदि के लिए लाभार्थियों से न्यूनतम शुल्क वसूला जाएगा। भवन हस्तांतरित होने के बाद विभाग की ओर से इसे पीपीपी मोड में चलाने व उत्तराखंड बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम की ओर से आउटसोर्सिंग के माध्यम से चलाया जाएगा।
पहले चरण में दुकानों का आवंटन अनुसूचित जाति वर्ग के शिल्पियों को किया जाएगा। अगर पर्याप्त मात्रा में अनुसूचित जाति के आवेदक उपलब्ध नहीं मिलेंगे तो अधिकतम 30 प्रतिशत दुकानें सामान्य वर्ग के शिल्पियों को दे दी जाएंगी। दुकानों का शुल्क अनुसूचित जाति के लोगों से चार गुना अधिक रहेगा।
- डॉ. भीमराव आंबेडकर भवन बनकर तैयार हो गया है। मंडी परिषद की ओर विभाग को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव लाया गया था पर विभाग की ओर से त्रिस्तरीय कमेटी की जांच के बाद ही लिया जाएगा। इसके लिए जल्द ही निदेशालय स्तर से कमेटी गठित की जाएगी। - अमन अनिरुद्ध, जिला समाज कल्याण अधिकारी।