काशीपुर। शहर को स्वच्छता में नंबर वन लाने की कवायद शुरू हो गई है। मुख्य मार्ग व अन्य स्थानों पर बने कूड़ा प्वाइंट की निगरानी के लिए सीसीटीवी लगवाए जाएंगे। कूड़ा फेंकने वालों पर नजर रखने के लिए सीपीयू के तर्ज पर छह से आठ कर्मियों की तैनाती की जाएगी। वह दोपहिया वाहन से घूमकर निगरानी करेंगे और कूड़ा फेंकने वालों का चालान करेंगे। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए 30 नई गाड़ियों का प्रस्ताव भेजा है। निगम परिसर के कंट्रोल रूम से शहर के सभी वार्डों की निगरानी की जाएगी।
स्वच्छता सर्वेक्षण में काशीपुर की रैंक गिरने के बाद अमर उजाला ने शहर के विभिन्न स्थानों की पड़ताल की थी। 19 जुलाई के अंक में ‘सड़कों पर फैले कूड़े में फिसल गई रैंक’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर का संज्ञान लेकर महापौर दीपक बाली ने कूड़ा फेंके जाने वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी की है। बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण में इस बार शहर को नंबर वन लाना है। इसके लिए सफाई व्यवस्था को लेकर काम किया जा रहा है। नगर निगम परिसर में 1500 फुट क्षेत्र में एक बिल्डिंग बनाई जा रही है।
यहां एक कंट्रोल रूम बनाकर स्क्रीन लगाए जाएंगे। इसके अलावा घरों पर जीआई टैग लगाए जाएंगे और कूड़े कलेक्शन की गाड़ियों पर जीपीएस लगा होगा।
निगम के डैशबोर्ड पर हर गाड़ी की निगरानी होगी। अगर गाड़ी घर के पांच मीटर के दायरे में नहीं जाएगी, तो पता चल जाएगा कि वहां से कूड़ा नहीं उठा है।
कंट्रोल रूम नवंबर अंत तक शुरू हो जाएगा। कंट्रोल रूम में स्कूली बच्चों का भ्रमण करवाएंगे, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था के बारे में उन्हें जानकारी मिले। घरों में डस्टबिन बाटेंगे और लोगों को उनकी जिम्मेदारियों का एहसास कराएंगे कि कूड़ा डस्टबिन में ही डालें।