भाजपा के वरिष्ठ नेता मुकेश राणा।
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नानकमत्ता। थारु जनजाति के लिए आरक्षित सीट पर भाजपा की ओर से डॉ. प्रेम सिंह राणा को प्रत्याशी घोषित करते ही टिकट के दावेदार रहे आरएसएस के पूर्व सह प्रांत कार्यवाह श्रीपाल राणा अब चुनाव मैदान में निर्दलीय उतरेंगे। उन्होंने चुनाव लड़ने की घोषणा भी कर दी है। साथ ही पिछले दस वर्षों से भाजपा में रहकर तैयारी कर रहे एक अन्य दावेदार मुकेश राणा भी पार्टी से बगावत कर निर्दलीय के रूप में ताल ठोक सकते हैं। हालांकि मुकेश राणा ने अभी पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है।
खटीमा और सितारगंज विधानसभा सीट से कटकर 2012 में अस्तित्व में आई जनजाति के लिए आरक्षित नानकमत्ता सीट पर लगातार दो बार से भाजपा के प्रेम सिंह राणा विधायक हैं। इस बार फिर भाजपा ने प्रेम सिंह राणा को ही टिकट दिया है। इस सीट पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह प्रांत कार्यवाह पद से वापस राजनीति की राह पर उतरे ग्राम बघौरी निवासी श्रीपाल राणा भी प्रबल दावेदार थे।
क्षेत्र में उनकी चर्चा भी थी, परंतु दो बार के विधायक प्रेम सिंह राणा उन पर भारी पड़ गए। भाजपा से टिकट न मिलने से श्रीपाल राणा ने अपने समर्थकों से विचार-विमर्श कर चुनाव मैदान में निर्दलीय उतरने का एलान किया है। इससे भाजपा के नेताओं में खलबली मच गई है और भाजपाई और आरएसएस के पदाधिकारी उन्हें मनाने में जुटे हुए हैं।
वहीं पिछले 20 वर्षों से क्षेत्र में भाजपा के लिए कार्य कर रहे मुकेश राणा भी करीब दस साल से विधायक की आस में जनसेवा में जुटे थे, लेकिन वह भी अब टिकट न मिलने से खिन्न हैं। उन्होंने कहा कि शनिवार तक अपने समर्थकों से बात कर निर्णय लिया जाएगा।
आरएसएस के पूर्व सह प्रांत कार्यवाह श्रीपाल राणा।- फोटो : SITARGANJ