काशीपुर। दिव्यांग बच्चों के लिए बेहतर कार्य करने के सरकार के दावों की पोल खुल गई है। आश्वासन पर केंद्र संचालित करने वाले एनजीओ को सरकार ने बजट देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। इस दौरान बाल देखरेख संस्थान में रहने वाले दिव्यांगों को तगड़ा झटका लगा है। संचालक बकाए की मांग के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
मार्च 2024 में चामुंडा विहार स्थित महिला कल्याण विभाग की ओर से बालकों की देखरेख एवं संरक्षण के लिए बाल देखरेख संस्थान खोला गया था। यहां 11-18 आयु वर्ग के करीब 50 दिव्यांगों के ठहरने से लेकर हर सुख सुविधा की व्यवस्था की गई है।
वर्तमान में करीब 43 बच्चे पंजीकृत हैं। अभी तक इसे अपने खर्च पर अनमोल फाउंडेशन संचालित करता आ रहा है। संस्थान में रहने वाले दिव्यांग बालकों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाया है। फाउंडेशन बजट की डिमांड करता आ रहा है लेकिन सफलता नहीं मिल सकी है।
एक सप्ताह पूर्व बैठक में सरकार ने एनजीओ को बजट देने से इनकार कर दिया है। इससे दिव्यांगों और संचालक को झटका लगा है।