जसपुर। पंचायत चुनाव में जनप्रतिनिधि चुनने के लिए गांव की युवतियों में उत्साह है। उन्होंने मतदान दिवस को त्योहार के रूप में मनाने का आह्वान किया है। युवतियां खुद का वोट डालने के प्रति तो सचेत हैं ही, वह दूसरों को भी वोट का महत्व समझाते दिखाई दीं। उनका कहना है कि सभी को जाति, धर्म और संप्रदाय से ऊपर उठकर मतदान करना चाहिए। आपराधिक छवि वाले प्रत्याशियों को वोट नहीं डालें।
- मतदान करना सांविधानिक अधिकार है। इसका प्रयोग मूल्यों व सिद्धांतों के आधार पर करें न कि धर्म या जाति के आधार पर। ताकि अच्छे और ईमानदार व्यक्ति गांव एवं क्षेत्र का नेतृत्व कर सकें। धर्म-जात लड़ाने वाले प्रत्याशियों का विरोध करना चाहिए।
आसमा परवीन, अधिवक्ता, ग्राम राजपुर
- ग्रामीण मतदाताओं को पढ़े लिखे और शिक्षित प्रत्याशी को वोट डालना चाहिए। पढ़ा लिखा जनप्रतिनिधि ही गांव का विकास करने में सहायक होगा। मतदाताओं को चाहिए कि घर के बुजुर्ग व महिलाओं का पहले वोट डलवाएं। वोट का इस्तेमाल अवश्य करें।
सिमरनजीत कौर, शिक्षिका, ग्राम पतरामपुर
- आज के युग में प्रत्येक व्यक्ति के पास मोबाइल और इंटरनेट हैं इसीलिए चुनाव आयोग को अब लोगों को इंटरनेट के माध्यम से मताधिकार करने का विकल्प भी देना चाहिए। इससे देश में ज्यादा से ज्यादा लोग अपने मत का प्रयोग कर सकेंगे।
मुस्कान खातून, शिक्षिका, ग्राम रायपुर
- ग्रामीण मतदाताओं को अधिक से अधिक मतदान करने को प्रेरित करने के लिए युवा वर्ग आगे आए और वोट डालने के लिए जागरूक करें। लोग वोट डालने के लिए घर से निकले। लोग मतदान को त्योहार के रूप में मनाए और मतदान अवश्य करें।
मनीशा कुमारी, छात्रा, ग्राम रायपुर