रुद्रपुर के भाजपा जिला कार्यालय में पसरा सन्नाटा व लटका ताला।
- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर तेजी से चली अटकलों को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा में बेहद बेचैनी देखी जा रही है। पार्टी का मामला होने की वजह से कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है लेकिन नेताओं और कार्यकर्ताओं में दिनभर दिल्ली में हो रही गतिविधियों पर चर्चाएं होती रही।
इन सबके बीच पार्टी की गतिविधियों के केंद्र जिला कार्यालय में महिला दिवस पर हुए सम्मान कार्यक्रम होने के बाद कार्यालय में दोपहर बाद सन्नाटा पसरा होने के साथ ही ताला लटका रहा। आम जनता में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई खास दिलचस्पी नहीं देखी गई लेकिन विपक्षी कांग्रेस के नेता पूरी कवायद को लेकर चुटकी लेते रहे।
दरअसल शनिवार को भाजपा में उठे सियासी बवंडर के बाद प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कयास लगने शुरू हो गए थे। रविवार को अचानक सियासी माहौल ठंडा होने के बाद सोमवार को अचानक फिर से नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं बेहद तेजी से फैलने लगी थीं। इसके बाद भाजपा के साथ ही अन्य सियासी दलों में भी इसको लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था।
भाजपा में नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच नेतृत्व परिवर्तन और नए चेहरे के नामों को लेकर भी कानाफूसी होती रही। दिल्ली में हो रही पार्टी की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाने के साथ ही कार्यकर्ताओं की नजरें न्यूज चैनलों, वेबसाइटों और सोशल मीडिया पर भी टिकी रही। हालांकि पार्टी से जुड़ा मामला होने की वजह से नेता इस बारे में राय रखने से परहेज करते रहे।
दोपहर बाद पार्टी के जिला कार्यालय में भी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी नहीं होने से सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि पार्टी नेता महिला दिवस के आयोजनों में व्यस्तता का हवाला देते रहे। आम लोगों में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों लेकर चर्चा रही लेकिन लोग खुलकर इस पर बोलने से किनारा करते नजर आए।
इधर, पूर्व कैबिनेट मंत्री तिलकराज बेहड़ ने कहा कि भाजपा की ओर से अब प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन करने से कोई फायदा होने वाला नहीं है। चार साल में प्रदेश में बेरोजगारों की फौज बढ़ने के साथ ही विकास कार्य ठप हो गए हैं। अब सरकार की नाकामी छुपाने के लिए भाजपा नेतृत्व परिवर्तन कर जनता को धोखा देना चाहती हैं। जनता के सामने सच्चाई आ चुकी है।