आईआईएम काशीपुर में तीन दिवसीय वार्षिक एंट्रेप्रेन्योरशिप सम्मिट ‘उत्तिष्ठ’ कार्यक्रम का रविवार को समापन हो गया। पांच मार्च को एंट्रेप्रेन्योरशिप- सेल के इस फ्लैगशिप इवेंट का ऑनलाइन शुभारंभ किया गया था। कार्यक्रम में साधारण से शुरू हई सभी स्टार्टअप गतिविधियों को एक वन स्टॉप समाधान प्रदान करने के लिए विचारों का आदान-प्रदान किया गया। अमर उजाला भी आईआईएम के इस कार्यक्रम में सहयोगी रहा।
उत्तिष्ठ के पहले दिन का कार्यक्रम प्रख्यात पैनल के सदस्य रिती ग्रुप के चेयरमैन और सीईओ अरुण पांडे, ओमनवीर के पार्टनर सुभदीप सान्याल, यूनिकॉर्न इंडिया वेंचर्स के फाउंडर, मैनेजिंग डायरेक्टर भाष्कर मजूमदार और केंटरस कैपिटल (यूनाइटेड स्टेटस) के मैनेजिंग डायरेक्टर पुनीत गुप्ता की उपस्थिति में हुआ। अरुण पांडे ने कहा कि टीम वर्क के साथ कड़ी मेहनत व ईमानदारी अपनाने से विकास तेजी से होता है। सुभदीप सान्याल ने एग्रीटेक के महत्व के बारे में जानकारी देकर बताया कि कैसे यह भविष्य में शोध का स्रोत बनेगा। भास्कर मजूमदार ने कहा कि उद्यमिता में सफलता हमेशा वैकल्पिक प्लान रखने से प्राप्त की जा सकती है। पुनीत गुप्ता ने एक उचित निष्पादन योजना की आवश्यकता के बारे में बात की और छात्रों से कहा कि असफलताएं आम हैं।
दूसरे दिन के कार्यक्रम में भारत सरकार के मुख्य नवाचार अधिकारी डॉ. अभय जेरे ने एमबीए पाठ्यक्रम को अधिक से अधिक अनुभवात्मक बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहां सुता की सह संस्थापक तान्या विश्वास, सुजाता विश्वास, मर्सर मेटल के मुख्य उत्पादक अधिकारी शरद शर्मा और आईडब्ल्यूआईएल इंडिया की प्रेजिडेंट दीपा सयाल भी शामिल थी। विश्वास बहनों का कहना था कि वह समुदाय के हित में योगदान करने, स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करने और एक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में विश्वास रखते हैं। शरद शर्मा ने कहा कि उत्पाद प्रबंधक की भूमिका ब्रह्मांड के केंद्र के रूप में कार्य करती है। उन्होंने तीन आवश्यक कौशलों के बारे में बात की जिनमें दिमाग का तकनीकी मोड, व्यावसायिक मनोविकार और डिजाइन की भावना शामिल हैं।
कार्यक्रम के अंतिम दिन फ्रेशवोर्क्स में इवेंजेललिस्टज जयदेवन ने कहा कि यदि कोई कार्य न हो पा रहा हो तो उसे जल्द से जल्द निपटाने की कोशिश करें साथ ही आगे बढ़ने की चेष्ठा करें और व्यापार के लिए त्वरित रहें। इंडियारथ की सह संस्थापक अर्जीता ए सेठी ने छात्र समुदाय को असफल रूप से प्रयास करने, अभूतपूर्व रूप से असफल होने, फिर से अभूतपूर्व प्रयास करने और अभूतपूर्व रूप से सफल होने का प्रयास कर विफलताओं का बिना डरे सामना करने के लिए प्रोत्साहित किया।
ईवाईके डायरेक्टर रोहित थॉमस कोशी ने कहा एक ऐसी चीज का भाग बनो जिसका एक बड़ा बाजार है या जो लंबे समय तक टिकाऊ है, अन्यथा आपको इसके लिए एक बड़ा नाम नहीं मिलेगा। विचार सभी समान होते हैं और एक ही क्षमता रखते हैं, अंतर केवल इतना है कि आप इसे अंजाम कैसे देते हैं। कार्यक्रम में आईआईएम के निदेशक अनिल बलूनी, फीड के प्रबंध निदेशक सफल बत्रा आदि भी मौजूद रहे।
स्कूल रीच आउट प्रोग्राम सहित अन्य मंच की भी दी जानकारी
मुख्य वक्ता सत्र के साथ ही तीन दिवसीय एंट्रेप्रेन्योरशिप समिट में भी कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसमें नॉट क्लब हाउस (कई विषयों के साथ विशेषज्ञ केंद्रित चर्चा), स्मार्ट टैंक (उद्यमियों को लुभाने के लिए एक मंच), स्कूल रीच आउट प्रोग्राम (स्कूली पाठ्यक्रम में उद्यमिता शिक्षा को मजबूत करने के लिए एक मंच), उड़ान (राष्ट्रीय बिजनेस प्लान प्रतियोगिता) और कोफाउंडर डेटिंग (उदीयमान स्टार्टअप के साथ उज्ज्वल दिमाग को जोड़कर छात्रों के लिए इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करने के लिए एक मंच) शामिल थे। (ब्यूरो)