काशीपुर। किसान की आत्महत्या के बाद जिले का माहौल गरमाया हुआ है। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं तो वहीं एक टीम ऐसे भू माफियाओं की तलाश कर रही है जिन्होंने मृतक किसान की जमीन की खरीद फरोख्त कराई थी। इसके अतिरिक्त काशीपुर क्षेत्र में ऐसे लोगों को चिह्नित किया जा रहा है जो भू खरीद-बिक्री में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं।
मृतक किसान सुखवंत सिंह ने बीते शनिवार को आत्महत्या करने से पहले वीडियो जारी कर पुलिस अफसरों पर गंभीर आरोप लगाए थे। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने कार्रवाई करते हुए आईटीआई थानाध्यक्ष कुंदन सिंह रौतेला, एसआई प्रकाश बिष्ट को निलंबित करते हुए पूरी पैगा चौकी को लाइन हाजिर किया था। इसके बाद से पुलिस हरकत में है और आरोपियों की तलाश में जुटी है। इसके लिए एसआईटी की टीम संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है।
वहीं पुलिस की एक टीम काशीपुर से लेकर जसपुर तक ऐसे लोगों को सूचीबद्ध किया है, जिन लोगों ने किसान की खरीदने व बेचने में भूमिका निभाई थी। ऐसे सभी लोगों को पुलिस को बुलाकर पूछताछ करने में जुटी है। इन लोगों की कुंडली खंगाली जा रही है।
प्रॉपर्टी डीलिंग करने वालों के खंगाले जा रहे इतिहास
जिले में जमीन की खरीद फरोख्त कर धोखाधड़ी करने के कई मामले प्रकाश में आ चुके हैं। इससे पुलिस की छवि भी खराब हो रही है। पुलिस अपने दामन में लगे दाग को धोने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। प्रॉपर्टी डीलिंग करने वालों के इतिहास खंगाले जा रहे हैं। पता लगाया जा रहा है कि ऐसे लोगों के पास जो संपत्ति अर्जित की है, उसके सोर्स क्या हैं। इसमें ऐसे सफेदपोशों के नाम सामने आएंगे, जो चौकाने वाले होंंगे।
सरकारी कर्मियों के भी संलिप्त होने की संभावना
किसानों की जमीन पर कब्जा करने और बेचने के मामले में कई सरकारी कर्मियों की संलिप्तता भी पुलिस को नजर आ रही है। जिले के काशीपुर, जसपुर, बाजपुर सहित अन्य तहसीलों में ऐसे कर्मियों को चिह्नित किया जा रहा है। इन कार्मिकों पर भी पुलिस बड़ी कार्रवाई की तैयारी है।