विधानसभा चुनाव की तारीख के ऐलान के बाद पुलिस ने भी कमर कस ली है। जिसके तहत लाइसेंसी असलहों का सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन के साथ ही पुलिस ने असलहों को जमा कराने की कार्यवाही शुरू कर दी है। इसके अंतर्गत सक्रिय अपराधियों की सूची तैयार करने के साथ ही 7 अपराधियों के खिलाफ गैंगेस्टर की कार्यवाही अमल में लाई जा चुकी है।
लाइसेंस जमा होने की जानकारी मिलने के बाद लाइसेंस धारक सुरक्षा वजहों का उल्लेख करते हुए असलहा रखने की इजाजत मांगने लगे हैं। चुनाव को आपराधिक तत्व किसी भी तरह से प्रभावित न कर सके इसको देखकर पुलिस ने ऐसे तत्वों पर नकेल कसनी शुरू कर दी है। सर्किल के सभी 8 थानों में हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन होने के बाद गायब हिस्ट्रीशीटरों का पता लगाया जा रहा है। चुनाव में लाइसेंसी असलहों का इस्तेमाल रोकने के लिए उनका सत्यापन और जमा कराने की कार्यवाही की जा रही है।
पुलिस के अनुसार आठ थानों में 5596 लाइसेंसी असलहे हैं। जिनमें से अभी तक 4627 असलहों का सत्यापन किया जा चुका है। काशीपुर, कुंडा, जसपुर और आईटीआई, केलाखेड़ा थाने में लाइसेंसी असलहों का सत्यापन शत प्रतिशत पूरा हो चुका है। एएसपी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि जिन थानों में असलहों का सत्यापन पूरा नहीं हो पाया है, उनके प्रभारियों को जल्द इसे पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। पांच थानों में अभी 36 लाइसेंसी असलहे जमा हो चुके हैं। असलहों को जमा कराने की कार्यवाही में तेजी लाई जा रही है।
कुंडा थाने में 4 और आईटीआई में 3 अपराधियों के खिलाफ गैंगेस्टर की कार्यवाही की जा चुकी है। सक्रिय अपराधियों की सूची तैयार करने के साथ ही उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। बताया कि गड़बड़ी की आशंका वाले लोगों की सूची बनाकर उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है।